गाजीपुर, 02 सितंबर 2026। जिले में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। बुधवार को जिलाधिकारी गाजीपुर एवं पुलिस अधीक्षक गाजीपुर ने संयुक्त रूप से थाना गहमर क्षेत्र के नरवर घाट एवं आसपास के बाढ़ प्रभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जलस्तर की स्थिति, आवागमन व्यवस्था तथा स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा का गहन जायजा लिया।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर 24 घंटे निगरानी के निर्देश
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों से राहत एवं बचाव कार्यों की अद्यतन जानकारी ली गई। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चौबीसों घंटे पैनी नजर रखी जाए, ताकि जलस्तर में अचानक वृद्धि होने पर तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया जा सके।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सा सुविधा तथा आवश्यक राहत सामग्री की उपलब्धता को हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।
बचाव दल और नाविक अलर्ट मोड पर
संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए बचाव टीमों एवं नाव चालकों को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए। प्रशासन को निर्देशित किया गया कि किसी भी विषम परिस्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो।
ग्रामीणों से किया सीधा संवाद
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्थानीय ग्रामीणों एवं नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और अनावश्यक रूप से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जाने से बचें।
साथ ही प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी की जा रही सुरक्षा संबंधी हिदायतों का पालन करने तथा जलभराव या किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस अथवा प्रशासनिक कंट्रोल रूम को देने की अपील की गई।
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी सेवराई एवं प्रभारी निरीक्षक गहमर सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश
“बाढ़ की स्थिति में घबराने की नहीं, सतर्क रहने की जरूरत है। प्रशासन हर परिस्थिति में आमजन की सुरक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।”

