गाजीपुर। मनिहारी ब्लॉक के तिलेसड़ा ग्राम सभा के शाहपुर में लाखों की लागत से बना स्वास्थ्य उपकेंद्र आज भी स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती का इंतजार कर रहा है। भवन तैयार हुए लंबा समय बीत चुका है, लेकिन स्वास्थ्य सेवाएं शुरू न होने से ग्रामीणों में निराशा और नाराजगी बढ़ती जा रही है।

समाजसेवी एवं क्षेत्र पंचायत प्रत्याशी अजीत यादव ने सवाल उठाते हुए कहा, “जब सरकार ने ग्रामीणों की सुविधा के लिए स्वास्थ्य उपकेंद्र बनवा दिया है, तो फिर यहां इलाज कब शुरू होगा? डीएम साहब, स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगिए।”

अजीत यादव के मुताबिक ग्रामीणों के लंबे प्रयास और शासन-प्रशासन से लगातार मांग के बाद गांव में स्वास्थ्य उपकेंद्र की सौगात मिली थी। भवन बनने के बाद उम्मीद जगी थी कि अब आसपास के लोगों को मामूली बीमारी और प्राथमिक उपचार के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। लेकिन स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती न होने से तैयार भवन का उद्देश्य ही अधूरा रह गया है।

उन्होंने बताया कि इस मामले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी से वार्ता भी की गई थी। उस दौरान जल्द नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर स्वास्थ्य सेवाएं शुरू कराने का आश्वासन मिला था, लेकिन समय बीतने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।

5 हजार ग्रामीणों को मिलेगा सीधा फायदा

छात्र नेता हरेन्द्र यादव ने बताया कि तिलेसड़ा, शाहपुर, परवा और मुहम्मदपुर समेत आसपास के गांवों के करीब 5 हजार ग्रामीण इस स्वास्थ्य उपकेंद्र के संचालन से सीधे लाभान्वित होंगे। केंद्र शुरू होने पर ग्रामीणों को छोटी-बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए दूर के अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा और उन्हें समय पर प्राथमिक उपचार मिल सकेगा।

ग्रामीणों का सीधा सवाल—भवन तैयार है, स्टाफ कब आएगा?

स्वास्थ्य उपकेंद्र का भवन तैयार होने के बावजूद उसमें स्वास्थ्य सेवाएं शुरू न होना सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ भवन बनाने से स्वास्थ्य सुविधा पूरी नहीं होती, जब तक वहां डॉक्टर, एएनएम और अन्य जरूरी स्वास्थ्यकर्मी तैनात न हों।

अजीत यादव और ग्रामीणों ने जिलाधिकारी एवं स्वास्थ्य विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि स्वास्थ्यकर्मियों की जल्द तैनाती कर तिलेसड़ा स्वास्थ्य उपकेंद्र को जनसेवा के लिए शुरू कराया जाए, ताकि वर्षों से इंतजार कर रहे हजारों ग्रामीणों को आखिरकार उनके गांव में स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।

अब सवाल यही है—जब स्वास्थ्य उपकेंद्र बनकर तैयार है, तो इलाज शुरू होने में आखिर और कितनी देर?