राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में व्यवसाय योजना पर कार्यशाला, 100 छात्राओं ने लिया हिस्सा
गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गाजीपुर में सोमवार को छात्राओं के भीतर उद्यमिता, नवाचार और आत्मनिर्भरता की नई सोच विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। महाविद्यालय एवं अविष्कार फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में व्यवसाय योजना (Business Plan) विषय पर कार्यशाला आयोजित हुई, जिसमें करीब 100 छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता की।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को केवल नौकरी की तलाश करने वाली युवा शक्ति के बजाय भविष्य की रोजगार सृजक और उद्यमी बनने के लिए प्रेरित करना रहा। विशेषज्ञों ने छात्राओं को बताया कि किसी भी सफल व्यवसाय की शुरुआत बड़े निवेश से नहीं, बल्कि किसी समस्या को पहचानकर उसके बेहतर समाधान की तलाश से होती है।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शंभु शरण प्रसाद ने कहा कि आज के बदलते दौर में विद्यार्थियों को रोजगार पाने के साथ-साथ रोजगार देने वाले कौशल से भी सुसज्जित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उद्यमिता विकास आज की जरूरत है, क्योंकि नवीन विचारों के माध्यम से सामाजिक समस्याओं का प्रभावी समाधान विकसित किया जा सकता है।
उन्होंने छात्राओं का आह्वान किया कि वे अपने आसपास की समस्याओं को अवसर के रूप में देखें और उनके समाधान के लिए रचनात्मक एवं नवाचारी दृष्टिकोण अपनाएं। कार्यशाला में ‘आवश्यकता आविष्कार और नवाचार की जननी है’ की भावना को उद्यमिता की पहली सीढ़ी बताया गया।
आइडिया से बाजार तक—समझाया पूरा बिजनेस मॉडल
कार्यशाला में व्यवसाय योजना के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। इसमें समस्या की पहचान, नवीन समाधान, व्यवसाय का नामकरण, संसाधन एवं संसाधन नियोजन, उत्पाद/सेवा का डिजाइन, ग्राहक एवं बाजार की पहचान, विपणन एवं बिक्री, लागत एवं वित्तीय नियोजन तथा भविष्य में व्यवसाय के विस्तार की संभावनाओं को प्रमुखता से समझाया गया।
छात्राओं को यह भी बताया गया कि महज एक अच्छा आइडिया पर्याप्त नहीं है। उसे सफल व्यवसाय में बदलने के लिए वित्तीय संसाधन, बाजार की समझ, ग्राहक की जरूरत, लागत का विश्लेषण और भविष्य की रणनीति भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
कार्यशाला एवं नवाचार संबंधी गतिविधि का आयोजन महाविद्यालय की इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल के समन्वयक डॉ. पीयूष सिंह के नेतृत्व में किया गया।
इस अवसर पर डॉ. शिव कुमार, डॉ. हरेंद्र यादव, डॉ. एखलाक अहमद, डॉ. राजेश कुमार यादव, डॉ. रामनाथ केसरवानी एवं डॉ. गजनफर सईद सहित महाविद्यालय के अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।
कार्यशाला ने छात्राओं को यह संदेश दिया कि सही सोच, समस्या की पहचान और नवाचार के दम पर वे न केवल अपने भविष्य को आत्मनिर्भर बना सकती हैं, बल्कि समाज के लिए रोजगार और विकास के नए अवसर भी पैदा कर सकती हैं।

