गाजीपुर। रोजगार सामाजिक अधिकार अभियान के 9 सूत्री एजेंडे को लेकर 9 अगस्त को मिर्जापुर से शुरू हुई पूर्वांचल यात्रा के गाजीपुर पहुंचने पर छात्रों, अधिवक्ताओं, शिक्षकों और बुद्धिजीवियों ने जोरदार स्वागत किया। पीजी कॉलेज गाजीपुर, स्वामी सहजानंद पीजी कॉलेज, कलेक्ट्रेट, लंका चौराहा, महुआबाग चौराहा और रेलवे स्टेशन सहित विभिन्न स्थानों पर यात्रा का गर्मजोशी से अभिनंदन किया गया।

इस दौरान दीपक उपाध्याय, प्रद्युम्न यादव, शिवम उपाध्याय, सुधांशु तिवारी, अंशु पांडेय, नीलेश बिंद, शशांक उपाध्याय, आकाश चौधरी, सुधाकर पांडेय, विक्की पांडेय, विकास यादव, राहुल यादव, अभिषेक गौड़, एडवोकेट अरुण श्रीवास्तव और एडवोकेट शिब्बू भाई सहित बड़ी संख्या में लोगों ने 9 सूत्री एजेंडे का पुरजोर समर्थन किया। यात्रा के दौरान शहीद चंद्रशेखर, स्वामी सहजानंद सरस्वती, बाबू राजेश्वर सिंह, केशव शर्मा और कामरेड सरजू पांडेय की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।

रोजगार और संवैधानिक अधिकारों की गारंटी की मांग

पीजी कॉलेज गाजीपुर में आयोजित संवाद कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेंशन जैसे संवैधानिक अधिकारों की गारंटी तथा कल्याणकारी राज्य की अवधारणा को मजबूत करने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे। वक्ताओं ने कॉरपोरेट संपत्ति पर टैक्स लगाने, कॉरपोरेट पूंजी के नियमन और नियंत्रण की आवश्यकता बताते हुए कहा कि इससे अकूत मुनाफाखोरी और संसाधनों की लूट पर अंकुश लगाया जा सकता है।

कार्यक्रम का संचालन कर रहे डॉ. शम्मी कुमार सिंह ने देश में खाली पड़े एक करोड़ पदों पर पारदर्शी एवं तत्काल भर्ती की मांग उठाई। उन्होंने प्रदेश से पूंजी पलायन रोकने, युवाओं को उद्यम के लिए सस्ते दर पर ऋण उपलब्ध कराने, प्राकृतिक संसाधनों की लूट व निजीकरण पर रोक लगाने तथा पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने की बात कही।

पेपर लीक पर रोक और छात्रसंघ बहाली की मांग

छात्र नेता दीपक उपाध्याय ने प्रदेश में लगातार सामने आने वाले पेपर लीक के मामलों पर प्रभावी रोक लगाने, रोजगार के नए अवसर पैदा करने, सरकारी विभागों में रिक्त पदों को भरने और छात्रसंघ बहाल करने की मांग रखी।

पूर्वांचल यात्रा संयोजक मंडल की सदस्य रूबी सिंह गोंड और गूंजा गोंड ने युवाओं से 20 सितंबर को वाराणसी के शास्त्री घाट पर आयोजित सम्मेलन में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की।

वक्ताओं ने बताया कि अभियान के 9 सूत्री एजेंडे में किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी और असंगठित मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा समेत युवाओं, किसानों और श्रमिकों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं।

कार्यक्रम में डॉ. राम प्रकाश गौतम, अशोक कुमार, सविता गोंड, अर्जुन प्रसाद, इंद्रदेव खरवार और सुगवंती गोंड समेत अन्य वक्ताओं ने अपने विचार रखे। इस अवसर पर रोजगार अधिकार अभियान के नेशनल कोऑर्डिनेटर राजेश सचान भी मौजूद रहे।

“सरकार जवाबदेह हो, युवाओं को मिले रोजगार”

पूर्वांचल यात्रा के दौरान उठी आवाज का मूल संदेश साफ रहा—देश में खाली पड़े पदों को तत्काल भरा जाए, युवाओं को रोजगार मिले और सरकार अपनी नीतियों के प्रति जवाबदेह एवं उत्तरदायी बने। छात्रों और युवाओं ने इन मांगों को लेकर संघर्ष को आगे बढ़ाने का संकल्प भी जताया।