गाजीपुर। शादियाबाद थाना पुलिस ने 29 जुलाई को हुए रोहित यादव हत्याकांड का खुलासा करते हुए तीन बाल अपचारियों को हिरासत में लिया है। पुलिस के मुताबिक हत्या के पीछे पुरानी रंजिश और बदले की भावना से रची गई साजिश सामने आई है। घटना का कथित वीडियो मृतक के मोबाइल फोन से बरामद होने का दावा भी पुलिस ने किया है, जबकि मामले का कथित मास्टरमाइंड श्यामसुन्दर यादव उर्फ गोलू अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।

पुलिस के अनुसार, 30 जुलाई की सुबह करीब 10:15 बजे करिमुल्लापुर नहर (वसदेईया) के पास एक अज्ञात शव मिलने की सूचना मिली थी। जांच और शिनाख्त के बाद मृतक की पहचान रोहित यादव, निवासी भवनपुर, थाना रानीपुर, जनपद मऊ, हाल निवासी मरदापुर, थाना सादात, गाजीपुर के रूप में हुई। रोहित वाराणसी में रहकर पढ़ाई करता था।

मामले में मृतक के पिता राजेन्द्र यादव की तहरीर पर थाना शादियाबाद में मु0अ0सं0 246/2026, धारा 103(1) बीएनएस के तहत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

CCTV, तकनीकी जांच और अंतिम गतिविधियों से खुली हत्या की परतें

पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान CCTV फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, तकनीकी विश्लेषण, मृतक की अंतिम गतिविधियों और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को जोड़कर जांच आगे बढ़ाई गई। इसी दौरान पुलिस के सामने कथित तौर पर हत्या की पूरी साजिश की तस्वीर सामने आई।

जांच के मुताबिक, रोहित यादव और श्यामसुन्दर यादव उर्फ गोलू पहले से एक-दूसरे के परिचित और मित्र थे। पुलिस के अनुसार, गोलू की पूर्व परिचित एक महिला से जुड़े मुकदमे में उसके जेल जाने के बाद परिस्थितियां बदलीं। इसी दौरान उक्त महिला और उसकी बहन का संपर्क रोहित से होने की बात सामने आई, जिससे गोलू कथित तौर पर नाराज था।

पुलिस का दावा है कि इसी खुन्नस ने बदले की साजिश का रूप लिया।

वाराणसी से बुलाया, सुनसान नहर किनारे ले जाकर हत्या का आरोप

पुलिस के मुताबिक, 29 जुलाई की सुबह करीब 5 बजे श्यामसुन्दर यादव उर्फ गोलू ने तीन बाल अपचारियों की मदद से रोहित को मोटरसाइकिल पर बैठाया और वाराणसी से शादियाबाद थाना क्षेत्र के कस्बा दयालपुर स्थित एक खाली मकान तक ले गया।

आरोप है कि हथियार और कारतूस की व्यवस्था करने के बाद रोहित को मोटरसाइकिल पर बीच में बैठाकर करिमुल्लापुर (वसदेईया) नहर के सुनसान किनारे ले जाया गया। पुलिस के अनुसार, वहीं सिर में गोली मारकर उसकी हत्या की गई और घटना का वीडियो भी बनाया गया।

मामले को और गंभीर बनाने वाली बात यह है कि पुलिस को मृतक के मोबाइल से हत्या से संबंधित वीडियो मिलने का दावा किया गया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने रोहित को भयभीत करते हुए उसके परिचित से फोन पर बातचीत भी कराई थी और कथित तौर पर एक अन्य ऑडियो बनाकर परिचित को भेजने की बात भी सामने आई है।

तीन बाल अपचारी हिरासत में, गोलू की तलाश जारी

15 अगस्त 2026 को करीब 2:25 बजे शादियाबाद पुलिस टीम ने थाना क्षेत्र के नहर पुलिया, बहद ग्राम बहरामपुर चौबहा के पास तीन बाल अपचारियों को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, तीनों वाराणसी जनपद के रहने वाले हैं और रोहित तथा श्यामसुन्दर यादव के परिचित हैं।

पुलिस ने इनके कब्जे से कथित तौर पर:

एक देशी तमंचा .315 बोर

एक जिंदा कारतूस .315 बोर

मृतक का मोबाइल फोन

घटना में प्रयुक्त अपाचे मोटरसाइकिल

बरामद की है।

बरामदगी और विवेचना के आधार पर पुलिस ने मुकदमे में धारा 3(5)/315 बीएनएस तथा 9/25 आयुध अधिनियम की बढ़ोतरी करते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

सबसे बड़ा सवाल: मास्टरमाइंड कब पकड़ा जाएगा?

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम कड़ी श्यामसुन्दर यादव उर्फ गोलू को बताया जा रहा है। पुलिस उसे घटना का मास्टरमाइंड मानते हुए उसकी तलाश में टीम गठित कर चुकी है।

हालांकि, हत्या के मामले में सामने आए आरोपों और पुलिस के दावों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर ही होगी। तीनों बाल अपचारियों के संबंध में भी कानून के अनुसार किशोर न्याय प्रक्रिया लागू होगी।

फिलहाल रोहित हत्याकांड में पुलिस के हाथ महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक और भौतिक साक्ष्य लगने का दावा है। अब निगाहें उस कथित मास्टरमाइंड पर हैं, जिसके पकड़े जाने के बाद इस खूनी साजिश की बाकी कड़ियां और स्पष्ट हो सकती हैं।

पुलिस टीम: थानाध्यक्ष वागीश विक्रम सिंह मय हमराह, चौकी प्रभारी हंसराजपुर उ0नि0 सचिन सिंह तथा उ0नि0 जनार्दन प्रसाद, थाना शादियाबाद, जनपद गाजीपुर।