गाजीपुर। हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय मल्लिकाअर्जुन खड़गे जी (जो कि दलित समाज से आते है) की रैली के स्थल पर कांग्रेस के कार्यक्रम के बाद कथित रूप से गंगाजल छिड़ककर “शुद्धिकरण” किए जाने की घटना के विरोध में जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी गाजीपुर द्वारा विशाल पैदल मार्च एवं गांधीवादी तरीके से सत्याग्रह किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ता शहर कांग्रेस कैंप कार्यालय, सकलेनाबाद से पैदल मार्च करते हुए डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क, लंका पहुंचे, जहां कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन कर इस मानसिकता के खिलाफ आवाज बुलंद की।
इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनील राम ने कहा कि हल्द्वानी की घटना केवल कांग्रेस का अपमान नहीं, बल्कि देश के लोकतांत्रिक मूल्यों और दलित समाज के सम्मान पर सीधा हमला है। किसी राजनीतिक कार्यक्रम के बाद उस स्थान को गंगाजल से “शुद्ध” करना यह बताता है कि भाजपा की विचारधारा दलितों और कांग्रेस के प्रति किस तरह की सामाजिक सोच रखती है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी और बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के देश में आज भी छुआछूत और ऊंच-नीच की मानसिकता को बढ़ावा देना बेहद शर्मनाक है।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष संदीप विश्वकर्मा एवं पूर्व विधायक अमिताभ अनिल दुबे ने संयुक्त रूप से कहा कि भाजपा को यह स्पष्ट करना चाहिए कि कांग्रेस के कार्यक्रम के बाद स्थल को “अशुद्ध” क्यों माना गया और गंगाजल से उसका कथित शुद्धिकरण क्यों किया गया? क्या भाजपा की नजर में कांग्रेस के कार्यकर्ता और उसमें शामिल दलित, पिछड़े और गरीब समाज के लोग इतने “अशुद्ध” हैं कि उनके जाने के बाद किसी स्थान को शुद्ध करना पड़े? उन्होंने कहा कि यह घटना भाजपा की दलित विरोधी और मनुवादी मानसिकता का पर्दाफाश करती है। कांग्रेस ऐसी विभाजनकारी सोच के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करती रहेगी।
एआईसीसी सदस्य रविकांत राय एवं पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ मार्कंडेय सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि भाजपा संविधान की बात तो करती है, लेकिन उसकी राजनीति में बराबरी और सामाजिक न्याय की भावना लगातार कमजोर होती दिखाई दे रही है। बाबा साहब डॉ. अंबेडकर ने जिस छुआछूत और सामाजिक भेदभाव के खिलाफ जीवनभर संघर्ष किया, उसी मानसिकता को यदि आज राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस गांधीवादी तरीके से ऐसे कृत्यों का विरोध करती रहेगी और समाज को जाति तथा ऊंच-नीच के नाम पर बांटने की हर कोशिश का मजबूती से जवाब देगी।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा को अब यह तय करना होगा कि वह संविधान और समानता के रास्ते पर चलेगी या जातिगत भेदभाव और सामाजिक विभाजन की राजनीति को बढ़ावा देगी। देश की जनता ऐसी संकीर्ण मानसिकता को स्वीकार नहीं करेगी। कांग्रेस का संघर्ष सत्ता के लिए नहीं, बल्कि हर नागरिक के सम्मान, समानता और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए है।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रमुख रूप से जनक कुशवाहा अजय कुमार श्रीवास्तव चंद्रिका सिंह राजीव सिंह राईस अहमद कुसुम तिवारी महबूब निशा सुमन चौबे ज्ञान प्रकाश सिंह राम नगीना पांडे जेपी पांडे आशुतोष गुप्ता प्रकाश राय राघवेंद्र कुमार इंद्रमल यादव लखन श्रीवास्तव कमलेश्वर प्रसाद शबीहूल हसन रमेश चंद्र गुप्ता सदानंद गुप्ता दीना यादव राकेश राय विवेक राय महेंद्र कुशवाहा रतन तिवारी किरण देवी संजू देवी नुसरत बानो ताहिर अब्बासी संजय सिंह मोहम्मद इस्लाम अब्दुल मास्टर चंद्रशेखर मुकेश कुमार अब्दुल हमीद मिथिलेश कुमार सिंह अनिल पाठक अबू आसिफ आदि लोग बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

