गाजीपुर। जनपद में बाढ़ की चुनौती के बीच जिला प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान को तेज कर दिया है। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के कुशल नेतृत्व में प्रशासनिक टीमें लगातार बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचकर लोगों को जरूरी सहायता उपलब्ध करा रही हैं।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए नदियों के किनारे बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और लाउडस्पीकर से अनाउंसमेंट कराया जा रहा है। लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
तहसील जमानियां के तियरी गांव में बाढ़ राहत सामग्री का वितरण किया गया। वहीं कालनपुर सहित अन्य स्थानों पर नाविकों को लंच पैकेट उपलब्ध कराए गए। चक ख़ान मुहम्मद में भी बाढ़ प्रभावित लोगों तक भोजन के पैकेट पहुंचाए गए। प्रशासन का दावा है कि सभी प्रभावित क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार राहत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
बाढ़ के संकट में पशुओं के लिए भी प्रशासन ने इंतजाम किए हैं। तहसील मुहम्मदाबाद के फिरोजपुर और धरमपुरा गांवों में पशुओं के लिए भूसे का वितरण किया गया, ताकि प्रभावित पशुपालकों को राहत मिल सके।
वहीं दीनापुर करंडा स्थित बाढ़ शरणालय में 356 बाढ़ राहत किट वितरित की गईं। इन राहत किटों का लाभ महबलपुर और मकसूदनपुर के प्रभावित परिवारों को मिला।
जिला प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए है। अधिकारियों को प्रभावित परिवारों तक भोजन, राहत सामग्री और अन्य आवश्यक सुविधाएं समयबद्ध तरीके से पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बाढ़ प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा और तत्काल राहत सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही आमजन से अपील की गई है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल संबंधित अधिकारी या कंट्रोल रूम को सूचना दें।
मुश्किल की इस घड़ी में गाजीपुर प्रशासन बाढ़ प्रभावितों के साथ खड़ा है और राहत का अभियान लगातार जारी है।

