गाजीपुर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने गुरुवार को जवाहर नवोदय विद्यालय, गाजीपुर का आकस्मिक निरीक्षण कर शैक्षणिक व्यवस्था, छात्रावास, प्रयोगशालाओं और भोजनालय की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने अधिकारियों की तरह सिर्फ व्यवस्थाएं नहीं देखीं, बल्कि विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर उनकी पढ़ाई, समस्याओं और भविष्य की योजनाओं को भी जाना।

ब्लैक बोर्ड पर छात्रों से गणित का सवाल हल कराया

कक्षा 12 में गणित की कक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अध्यापक द्वारा पढ़ाए जा रहे प्रश्न को विद्यार्थियों से ब्लैक बोर्ड पर हल कराया। इस दौरान उन्होंने छात्रों की विषय पर पकड़ और समझ को परखा। सही जवाब देने वाले विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए डीएम ने कहा कि मेहनत और लगन के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ें और ऐसा कार्य करें जिससे परिवार के साथ-साथ देश और जनपद का नाम भी रोशन हो।

शिकायत एवं सुझाव बॉक्स लगाने के निर्देश

विद्यार्थियों से सीधे संवाद करते हुए जिलाधिकारी ने उनकी समस्याओं और सुझावों की जानकारी ली। उन्होंने विद्यालय में शिकायत एवं सुझाव बॉक्स लगाने के निर्देश दिए, ताकि छात्र-छात्राएं बिना किसी झिझक के अपनी समस्याएं विद्यालय प्रशासन तक पहुंचा सकें।

छात्रों को संत रविदास के विचारों से कराया परिचित

डीएम ने विद्यार्थियों को संत रविदास जी के जीवन, विचारों और कृतित्व के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी। उन्होंने छात्रों को उनके जीवन से प्रेरणा लेने और उनके विचारों का अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया।

प्रयोगशालाओं की भी परखी व्यवस्था

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने रसायन विज्ञान प्रयोगशाला का जायजा लिया और वहां उपलब्ध संसाधनों एवं व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके साथ ही विद्यार्थियों के लिए स्थापित एटीएल प्रयोगशाला का भी निरीक्षण कर उसकी उपयोगिता और व्यवस्थाओं को परखा।

बालिका छात्रावास में छात्राओं से पूछा—“आगे क्या बनना चाहती हैं?”

बालिका छात्रावास पहुंचकर जिलाधिकारी ने छात्राओं से खुलकर संवाद किया। उन्होंने पढ़ाई, उपलब्ध सुविधाओं और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी लेते हुए पूछा कि वे आगे चलकर क्या बनना चाहती हैं। छात्राओं को लक्ष्य निर्धारित कर कठिन परिश्रम और पूरी लगन से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। छात्रावास में किसी समस्या के बारे में पूछे जाने पर छात्राओं ने किसी प्रकार की परेशानी न होने की बात कही।

छात्रों के साथ लाइन में लगे डीएम, फिर साथ बैठकर किया भोजन

निरीक्षण का सबसे खास दृश्य बालिका भोजनालय में देखने को मिला। जिलाधिकारी ने भोजन की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद विद्यार्थियों के साथ लाइन में लगकर स्वयं भोजन लिया और छात्राओं के साथ बैठकर भोजन किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों से सहज अंदाज में बातचीत करते हुए उनकी पढ़ाई और आवश्यकताओं की जानकारी ली।

उन्होंने कहा कि पढ़ाई के लिए किसी अन्य सामग्री अथवा सुविधा की आवश्यकता हो तो विद्यालय प्रशासन के माध्यम से अवगत कराया जाए। भोजनालय में बेहतर व्यवस्था के लिए एसी लगाने के निर्देश भी दिए।

गुणवत्तापूर्ण भोजन और बेहतर शैक्षणिक माहौल पर जोर

जिलाधिकारी ने स्वयं भोजन की गुणवत्ता परखी और विद्यालय प्रशासन को निर्देश दिया कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण भोजन, आवश्यक सुविधाएं और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

आकस्मिक निरीक्षण के दौरान जवाहर नवोदय विद्यालय के प्रिंसिपल, वाइस प्रिंसिपल, शिक्षकगण, समस्त विद्यालय स्टाफ तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

खास बात: डीएम का यह निरीक्षण महज व्यवस्थाओं की जांच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों के बीच सीधे पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनने, पढ़ाई को परखने और उनके साथ भोजन करने से प्रशासन और छात्रों के बीच संवाद की एक सकारात्मक तस्वीर सामने आई।