गाजीपुर। उत्तर प्रदेश के लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बुधवार का दिन नई उम्मीद और नई व्यवस्था का संदेश लेकर आया। लोक भवन, लखनऊ से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के लोगो, वेबसाइट एवं एकीकृत डिजिटल पोर्टल का अनावरण किया। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का सजीव प्रसारण गाजीपुर के विकास भवन सभागार में किया गया, जहां जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मियों ने कार्यक्रम को देखा और मुख्यमंत्री की घोषणाओं को सुना।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया ऑनलाइन, पारदर्शी और मेरिट आधारित होगी तथा प्रदेश की आरक्षण नीति का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। भर्ती से लेकर पोस्टिंग, अटेंडेंस, वेतन, ईपीएफ, ईएसआई, ग्रेच्युटी, बीमा और अन्य सेवा लाभों का डिजिटल प्रबंधन किया जाएगा।

5 तारीख तक खाते में पहुंचेगा वेतन

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आउटसोर्स कर्मचारियों का वेतन हर महीने की 5 तारीख तक सीधे उनके बैंक खाते में भेजने की व्यवस्था की जाएगी। एजेंसियों द्वारा वेतन में अनावश्यक कटौती पर रोक रहेगी। सेवा प्रदाता कंपनी को सरकार अलग से सेवा शुल्क देगी, इसलिए कर्मचारी के वेतन से सर्विस चार्ज काटने की अनुमति नहीं होगी।

नए पोर्टल के माध्यम से कर्मचारी अपनी सर्विस डिटेल, बैंक अकाउंट, उपस्थिति, भुगतान और वेतन कटौती की जानकारी एक ही स्थान पर देख सकेंगे। इतना ही नहीं, कर्मचारी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर उसका स्टेटस भी देख सकेगा और निर्धारित समय-सीमा में समाधान प्राप्त कर सकेगा।

सिर्फ नौकरी नहीं, सामाजिक सुरक्षा का भी कवच

मुख्यमंत्री ने आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा को भी प्राथमिकता देने की बात कही। ईपीएफ की राशि कर्मचारी के नाम पर सुरक्षित रखने, ईएसआई के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा जरूरत पड़ने पर कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा से जोड़ने की दिशा में प्रयास की जानकारी दी गई।

इसके अलावा बैंक के साथ हुए एमओयू के माध्यम से कर्मचारियों को दुर्घटना बीमा और अन्य सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही गई। विभिन्न परिस्थितियों में 20 से 50 लाख रुपये तक दुर्घटना बीमा, अग्निकांड में सहायता, आकस्मिक चिकित्सा के लिए सहायता तथा जरूरत पड़ने पर एयर एंबुलेंस जैसी सुविधाओं का भी प्रावधान बताया गया।

मनमाने तरीके से नहीं हटाया जा सकेगा कर्मचारी

मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि किसी आउटसोर्स कंपनी को कर्मचारी को मनमाने ढंग से हटाने की अनुमति नहीं होगी। किसी कर्मचारी को हटाने की आवश्यकता होने पर पहले सरकार को जानकारी देनी होगी और मामले की जांच की जाएगी। गलत शिकायत या रिपोर्ट पाए जाने पर कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी।

उन्होंने कहा कि किसी भी कर्मचारी का अनावश्यक उत्पीड़न या शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मातृत्व अवकाश समेत सभी वैधानिक सेवा लाभ उपलब्ध कराने की दिशा में भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

गाजीपुर में जनप्रतिनिधियों ने बताया ऐतिहासिक कदम

विकास भवन सभागार में आयोजित जनपद स्तरीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत, विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत प्रशासक सपना सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल, मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद, जिला विकास अधिकारी राजन राय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मचारी मौजूद रहे।

राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने इसे उत्तर प्रदेश के लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों के जीवन में ऐतिहासिक बदलाव की शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि वर्षों से कम मानदेय, वेतन में देरी और बिचौलियों की समस्या झेल रहे कर्मचारियों को अब पारदर्शी व्यवस्था का लाभ मिलेगा। उन्होंने कर्मचारियों से पूरी निष्ठा के साथ कार्य करने की अपील करते हुए कहा कि सरकार उनके साथ खड़ी है।

जिला पंचायत प्रशासक सपना सिंह ने आउटसोर्स सेवा निगम के गठन को कर्मचारियों के हित में मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि डिजिटल पोर्टल से व्यवस्था पारदर्शी होगी और शोषण मुक्त कार्यप्रणाली से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा।

नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल ने सफाई कर्मचारियों को नगर व्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि उनके लिए सुरक्षा किट का वितरण और मानदेय वृद्धि की घोषणा सराहनीय कदम है। उन्होंने भरोसा जताया कि नई व्यवस्था से आउटसोर्स कर्मचारियों को समय से वेतन और सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलेगा।

सुरक्षा किट और डेमो चेक का वितरण

कार्यक्रम के दौरान श्रम विभाग की ओर से बीओसीडब्ल्यू लाभार्थियों को डेमो चेक तथा सफाई कर्मचारियों को सुरक्षा किट वितरित की गई। इससे कार्यक्रम में मौजूद कर्मचारियों के बीच खासा उत्साह देखने को मिला।

जिला सेवायोजन अधिकारी गौरव सिंह ने आउटसोर्स सेवा निगम से संबंधित नियमों और नई व्यवस्था की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब आउटसोर्स भर्तियां सेवा निगम के पोर्टल के माध्यम से होंगी। ईपीएफ/ईएसआई, न्यूनतम मानदेय और सीधे बैंक खाते में भुगतान जैसी व्यवस्थाओं को लागू किया जाएगा। पात्रता के अनुसार परित्यक्ता महिलाओं सहित निर्धारित श्रेणियों तथा स्थानीय निवासियों को वरीयता संबंधी शासनादेश की जानकारी भी दी गई।

कार्यक्रम में अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद धीरेन्द्र राय, सहायक श्रम आयुक्त अभिषेक सिंह, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष विनोद अग्रवाल समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मी उपस्थित रहे।

नई व्यवस्था से खत्म होगा बिचौलियों का खेल?

आउटसोर्स सेवा निगम की नई डिजिटल व्यवस्था को सरकार की ओर से पारदर्शी भर्ती, समय पर भुगतान, सामाजिक सुरक्षा और कर्मचारी शिकायतों के समाधान की दिशा में बड़ा कदम बताया जा रहा है। अब असली परीक्षा इसके जमीनी क्रियान्वयन की होगी। यदि घोषित व्यवस्थाएं प्रभावी ढंग से लागू होती हैं, तो गाजीपुर समेत पूरे प्रदेश के आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए यह व्यवस्था रोजगार को केवल नौकरी नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों से जोड़ने वाला बड़ा बदलाव साबित हो सकती है।