गाजीपुर। जनपद में डेंगू के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. जे.एन. सिंह ने बताया कि 1 जनवरी से अब तक जिले में डेंगू के 14 धनात्मक मरीज सामने आए हैं। राहत की बात यह है कि इनमें से 13 मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि एक मरीज का उपचार लखनऊ के अस्पताल में चल रहा है और उसकी हालत में भी सुधार बताया गया है।

दूसरे राज्यों से लौटे मरीजों में संक्रमण

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार चिन्हित 14 मरीजों में अधिकांश दूसरे राज्यों से संक्रमित होकर गाजीपुर पहुंचे। इनमें महाराष्ट्र से 6, गुजरात से 3, दिल्ली से 2 और राजस्थान से 1 मरीज शामिल है। जुलाई में 2 तथा अगस्त में 12 मरीजों की सूचना मिली।

 मेडिकल कॉलेज में डेंगू वार्ड तैयार, फिलहाल कोई भर्ती नहीं

मेडिकल कॉलेज गाजीपुर के डेंगू वार्ड में इस समय एक भी मरीज भर्ती नहीं है। डेंगू मरीजों के उपचार के लिए मच्छरदानी युक्त 10 बेड का विशेष वार्ड क्रियाशील है। वहीं ब्लॉक स्तरीय चिकित्सालयों में भी 80 मच्छरदानी युक्त बेड उपलब्ध कराए गए हैं।

 करीब छह हजार लोगों की स्क्रीनिंग

बुखार के मरीजों की पहचान के लिए जिले के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और मेडिकल कॉलेज में लगातार जांच की जा रही है। अब तक 5,941 मरीजों की रैपिड किट से स्क्रीनिंग की जा चुकी है। मेडिकल कॉलेज की लैब में 413 मरीजों की एलाइजा जांच हुई, जिनमें 13 मरीज डेंगू पॉजिटिव पाए गए।

पॉजिटिव केस मिलते ही तत्काल कार्रवाई

स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रत्येक पॉजिटिव मरीज के क्षेत्र में केस आधारित निरोधात्मक कार्रवाई तत्काल कराई जा रही है। इसके लिए सभी ब्लॉकों में रैपिड रिस्पांस टीमें सक्रिय हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर मरीजों के क्षेत्रों में साफ-सफाई और जनजागरूकता अभियान के लिए पंचायतीराज, नगर विकास, कृषि, पशुपालन और शिक्षा विभाग के साथ नियमित समन्वय किया जा रहा है।

आने वाले महीने बेहद संवेदनशील

स्वास्थ्य विभाग ने चेताया है कि डेंगू और अन्य मच्छर जनित बीमारियों की दृष्टि से आगामी महीने बेहद संवेदनशील हैं। विभाग ने जिलेवासियों से अपील की है कि घर के अंदर या आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें। कूलर का पानी नियमित रूप से निकालें, पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें और सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।

बुखार आने पर खुद से दवा लेकर उपचार न करें। नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचकर निःशुल्क जांच और उपचार कराएं।

स्वास्थ्य विभाग की अपील

“सतर्क रहें, जलजमाव रोकें और डेंगू से बचाव के उपाय अपनाएं—स्वस्थ रहें।”