गोदभराई और अन्नप्राशन के जरिए मातृ-शिशु स्वास्थ्य के प्रति किया गया जागरूक, उत्कृष्ट कार्य करने वालों को मिला सम्मान
गाजीपुर। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंगलवार को राइफल क्लब सभागार में भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं, कुपोषण से सुपोषित हुए बच्चों के माता-पिता तथा महिला कल्याण विभाग की योजनाओं से लाभान्वित महिलाओं को सम्मानित किया गया।
प्रदेशव्यापी कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या से किया। गाजीपुर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के संबोधन का लाइव प्रसारण किया गया, जिसे जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और लाभार्थियों ने देखा-सुना।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को गांव-गांव और जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण कड़ी हैं। गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और बच्चों तक पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सरकार का लक्ष्य योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं, बल्कि उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
विधायक जखनियां बेदी राम ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को सम्मान मिलने पर बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान उनके समर्पण और जिम्मेदारी से किए जा रहे कार्यों का सम्मान है।
जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह ने कहा कि “एक स्वस्थ मां ही स्वस्थ परिवार की नींव रखती है और स्वस्थ बच्चे ही मजबूत राष्ट्र का निर्माण करते हैं।” उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार और जनता के बीच सेतु का कार्य कर रही हैं। बच्चों के स्वास्थ्य एवं वजन की निगरानी, टीकाकरण के लिए प्रेरित करना तथा कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने में उनका योगदान महत्वपूर्ण है।
सुपोषित बच्चों और कर्मठ कार्यकर्ताओं का सम्मान
समारोह में कुपोषण से सुपोषित हुए बच्चों बाबा, यश, ऊर्सा फातिमा, सरस्वती, लाडो और शिवम कुमारी को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को भी प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
महिला कल्याण विभाग की स्पॉन्सरशिप योजना एवं मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लाभार्थी बच्चों पूनम वर्मा, तन्मय पांडे, पुष्पा पांडे, आशुतोष कुशवाहा, रुबिका सहित अन्य लाभार्थियों को भी सम्मानित किया गया।
गोदभराई और अन्नप्राशन से दिया पोषण का संदेश
कार्यक्रम का सबसे भावपूर्ण दृश्य उस समय देखने को मिला, जब मंत्री द्वारा गर्भवती महिलाओं की गोदभराई कराई गई और नवजात शिशुओं का अन्नप्राशन कराया गया। इस दौरान महिलाओं को गर्भावस्था में संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने, नियमित स्वास्थ्य जांच कराने तथा चिकित्सकीय सलाह का पालन करने के लिए जागरूक किया गया।
अभिभावकों को बताया गया कि छह माह की आयु के बाद मां के दूध के साथ बच्चों को उचित एवं पौष्टिक पूरक आहार देना जरूरी है। साथ ही स्वच्छता, टीकाकरण, स्वच्छ पेयजल और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण को बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए आवश्यक बताया गया।
‘सुपोषण’ के लिए सामूहिक भागीदारी पर जोर
कार्यक्रम में वक्ताओं ने स्पष्ट संदेश दिया कि कुपोषण के खिलाफ लड़ाई केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि परिवार, समाज और प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। संतुलित आहार, स्वच्छता, टीकाकरण और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच को जीवनशैली का हिस्सा बनाकर बच्चों को कुपोषण से बचाया जा सकता है।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह, विधायक बेदी राम, नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल, जिला अध्यक्ष सुभासपा सुरेंद्र राजभर, जिला अध्यक्ष निषाद पार्टी ओमप्रकाश, एमएलसी प्रतिनिधि प्रदीप पाठक, मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद, पीडी, डीडीओ, डीसी मनरेगा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, मुख्य सेविकाएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाएं तथा बड़ी संख्या में महिलाएं और लाभार्थी मौजूद रहे।


