सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को 24 किमी दूर जिला अस्पताल पहुंचाकर कराया तत्काल भर्ती, आरटीओ धनवीर यादव की तत्परता की हो रही सराहना
गाजीपुर। सड़क हादसे में घायल व्यक्ति के लिए समय पर मिला उपचार जिंदगी और मौत के बीच का अंतर बन सकता है। इसी मानवीय संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल मंगलवार को गाजीपुर में देखने को मिली, जब ऑपरेशन अज्ञात के तहत चेकिंग कर रही एआरटीओ टीम ने सड़क हादसे में घायल एक व्यक्ति को तत्काल अपनी बोलेरो से जिला अस्पताल पहुंचाकर गोल्डन ऑवर के भीतर इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया।
जानकारी के अनुसार, 08 सितंबर 2026 को सुबह करीब 11:22 बजे एआरटीओ टीम ऑपरेशन अज्ञात के तहत चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान नंदगंज थाना क्षेत्र में गोरखपुर-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क हादसे में घायल एक व्यक्ति दिखाई दिया। घायल की हालत को देखते हुए टीम ने बिना समय गंवाए उसे अपनी बोलेरो में बैठाया और करीब 24 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल गाजीपुर के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचाया।
अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों ने घायल का तत्काल उपचार शुरू कर दिया। समय रहते अस्पताल पहुंचाए जाने से घायल को आवश्यक चिकित्सा सुविधा मिल सकी। बताया गया कि फिलहाल घायल व्यक्ति खतरे से बाहर है।
मोबाइल लॉक होने से नहीं हो पा रही थी पहचान
घायल के पास मौजूद मोबाइल फोन लॉक होने के कारण शुरुआती समय में उसकी पहचान और पता स्पष्ट नहीं हो पा रहा था। बाद में उसी मोबाइल फोन पर आए एक कॉल के माध्यम से उसकी पहचान सोनू यादव पुत्र राम सिंह यादव, निवासी उसरी खास, थाना उरुवा बाजार, पोस्ट पाण्डेयपुर, जनपद गोरखपुर के रूप में हुई।
परिजनों से संपर्क के बाद पता चला कि घायल व्यक्ति बेंगलुरु से गोरखपुर की ओर आ रहे थे और रास्ते में हादसे का शिकार हो गए।
आरटीओ धनवीर यादव की पहल बनी जनहित की मिसाल
इस पूरे घटनाक्रम में एआरटीओ गाजीपुर धनवीर यादव के नेतृत्व में एआरटीओ टीम की तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए चल रही चेकिंग को केवल कार्रवाई तक सीमित न रखते हुए घायल की जिंदगी बचाने के लिए तत्काल कदम उठाना विभाग की जनसेवा की भावना को दर्शाता है।
हादसे के बाद यदि घायल को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जाता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। एआरटीओ टीम द्वारा गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाकर उपचार शुरू कराना सड़क सुरक्षा अभियान के मानवीय पक्ष को भी सामने लाता है।
आरटीओ धनवीर यादव और उनकी टीम की इस तत्परता ने एक बार फिर संदेश दिया है कि सड़क पर नियमों का पालन कराने के साथ-साथ संकट में फंसे लोगों की मदद करना भी प्रशासनिक जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

