उद्गम आइडिया बैंक पोर्टल पर दिखेंगी गाजीपुर की शैक्षिक नवाचारों की मिसालें
गाजीपुर। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देशों के क्रम में जनपद गाजीपुर के विद्यालयों और शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों में किए जा रहे अभिनव प्रयासों को अब प्रदेश स्तर पर पहचान और मंच मिलेगा। शिक्षकों एवं विद्यालयों के नवाचारों तथा बेस्ट प्रैक्टिसेज को प्रोत्साहित और प्रचारित करने के लिए ‘उद्गम आइडिया बैंक पोर्टल’ के माध्यम से उत्कृष्ट कार्यों का चयन कर नियमित रूप से अपलोड कराया जाएगा।
परिषद के निर्देशानुसार प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के साथ-साथ शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों में किए जा रहे अभिनव प्रयासों को चिन्हित किया जाएगा। चयनित उत्कृष्ट नवाचार एवं बेस्ट प्रैक्टिसेज के प्रत्येक माह 05 चित्र एवं वीडियो उद्गम पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे। इससे विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए किए जा रहे प्रयोगों और प्रभावी कार्यप्रणालियों को व्यापक मंच मिल सकेगा।
गुणवत्ता परीक्षण के बाद होगा चयन
पोर्टल पर सामग्री अपलोड करने से पहले नवाचारों की गुणवत्ता, उपयोगिता और उपयुक्तता का निर्धारित प्रक्रिया के तहत परीक्षण किया जाएगा। इसके लिए जनपद स्तर पर 01 नोडल, 01 मंडलवार वरिष्ठ प्रवक्ता तथा 01 प्रवक्ता नामित किए गए हैं। इन अधिकारियों के सहयोग से विद्यालयों एवं डायट में संचालित अभिनव गतिविधियों का चिन्हांकन, स्क्रीनिंग तथा आवश्यकता के अनुसार संशोधन कराया जाएगा।
09 सितंबर को लखनऊ में होगी कार्यशाला
उद्गम पोर्टल के प्रभावी संचालन एवं नवाचारों के प्रचार-प्रसार को लेकर परिषद कार्यालय लखनऊ में 09 सितंबर 2026 को एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी। जनपद से संबंधित नामित नोडल एवं प्रवक्ता को कार्यशाला में प्रातः 10 बजे से सायं 06 बजे तक उपस्थित होकर सक्रिय सहभागिता करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेश स्तर पर चमकेगी गाजीपुर की पहल
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपासना रानी वर्मा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जनपद के विद्यालयों में किए जा रहे उत्कृष्ट नवाचारों एवं बेस्ट प्रैक्टिसेज को गंभीरता से चिन्हित करते हुए उद्गम पोर्टल पर नियमित रूप से अपलोड कराया जाए।
इस पहल से गाजीपुर के विद्यालयों में शिक्षकों द्वारा किए जा रहे रचनात्मक प्रयोग, नवाचारी शिक्षण पद्धतियां और प्रभावी शैक्षिक प्रयास प्रदेश स्तर पर प्रदर्शित हो सकेंगे। साथ ही अन्य विद्यालयों के शिक्षक भी इन सफल प्रयोगों से प्रेरणा लेकर उन्हें अपने विद्यालयों में लागू कर सकेंगे।


