गाजीपुर में बाढ़ प्रभावित परिषदीय विद्यालयों के लिए नई व्यवस्था लागू, सुरक्षित स्कूलों में शिफ्ट होंगे बच्चे; जरूरत पड़ने पर ऑनलाइन होगी पढ़ाई

गाजीपुर। जनपद में लगातार बनी बाढ़ की स्थिति के बीच प्रशासन ने परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया है। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के निर्देश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्रीमती उपासना रानी वर्मा ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

निर्देश के मुताबिक, जिन परिषदीय विद्यालयों में बाढ़ का पानी भर गया है या विद्यालय परिसर अथवा भवन में बच्चों की मौजूदगी सुरक्षित नहीं है, वहां अग्रिम आदेश तक शिक्षण कार्य स्थगित रहेगा।

सुरक्षित स्कूल में शिफ्ट होंगे विद्यार्थी

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि बाढ़ प्रभावित विद्यालय के आसपास कोई अन्य परिषदीय विद्यालय सुरक्षित रूप से संचालित हो रहा है, तो वहां प्रभावित विद्यालय के विद्यार्थियों को शिफ्ट कर पढ़ाई जारी रखी जाएगी। इसकी जिम्मेदारी संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी की होगी।

वहीं, यदि आसपास सुरक्षित विद्यालय उपलब्ध नहीं है या विद्यार्थियों को वहां शिफ्ट करना संभव नहीं हो पा रहा है, तो ऑनलाइन क्लास के माध्यम से बच्चों की पढ़ाई जारी रखी जाएगी।

शिक्षक स्कूलों में रहेंगे मौजूद

बाढ़ के कारण विद्यार्थियों की उपस्थिति प्रभावित होने के बावजूद शिक्षक, शिक्षामित्र और अन्य शैक्षणिक कार्मिक अपने स्तर से कार्य से मुक्त नहीं होंगे। उन्हें निकटवर्ती सुरक्षित विद्यालयों में नियमित रूप से उपस्थित होकर शिक्षण कार्य संपादित करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिन विद्यालयों में प्रभावित बच्चों को शिफ्ट किया जाएगा, वहां पेयजल, शौचालय, बैठने की व्यवस्था समेत जरूरी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना भी सुनिश्चित किया जाएगा।

 सुरक्षा से कोई समझौता नहीं

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि व्यवस्था का कड़ाई से अनुपालन कराया जाए और विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

यह व्यवस्था बाढ़ की स्थिति सामान्य होने और अग्रिम आदेश तक प्रभावी रहेगी। परिस्थितियों में बदलाव होने पर प्रशासन की ओर से अलग से आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे।

बाढ़ के संकट के बीच प्रशासन का यह फैसला बच्चों की सुरक्षा के साथ-साथ उनकी पढ़ाई का सिलसिला बनाए रखने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।