गाजीपुर। बाढ़ की विभीषिका के बीच पशुपालकों और उनके पशुधन को राहत पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन एवं पशुपालन विभाग ने मोर्चा संभाल लिया है। जनपद के बाढ़ संभावित क्षेत्रों में पशुओं को संक्रामक रोगों से बचाने के साथ-साथ चारे की व्यवस्था भी लगातार की जा रही है।

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार शाही ने बताया कि रेवतीपुर, जमानिया, भांवरकोल, करंडा और सैदपुर समेत 25 से अधिक गांवों में पशुपालन विभाग की टीमों द्वारा टीकाकरण अभियान चलाकर पशुओं को रोगों से सुरक्षित किया जा चुका है। वहीं, सभी बाढ़ चौकियों एवं बाढ़ शरणालयों पर पशुपालन विभाग की टीमें तैनात हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर पशुपालकों और पशुओं को तत्काल चिकित्सा एवं अन्य सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

 भूसे की व्यवस्था से पशुपालकों को बड़ी राहत

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के चारे की कमी को देखते हुए विभाग द्वारा अब तक रेवतीपुर में 300 क्विंटल, जमानिया में 155 क्विंटल और भांवरकोल में 100 क्विंटल भूसा वितरित किया जा चुका है। आवश्यकता के अनुसार भूसे का वितरण लगातार जारी है।

इसी क्रम में रविवार को मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार शाही ने उपजिलाधिकारी सेवराई की मौजूदगी में रेवतीपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में 120 पशुपालकों को 105 क्विंटल भूसा वितरित किया। भूसा मिलने से बाढ़ की वजह से परेशान पशुपालकों को अपने पशुधन के लिए चारे की तत्काल राहत मिली।

मौके पर उपजिलाधिकारी सेवराई, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, पशुपालन विभाग के कर्मचारी, ग्राम प्रधान एवं बड़ी संख्या में पशुपालक मौजूद रहे।

बाढ़ के संकट में पशुधन की सुरक्षा और पशुपालकों की मदद के लिए प्रशासन की यह पहल राहत के साथ भरोसे का भी संदेश दे रही है।