गाजीपुर, 06 सितंबर 2026। पति-पत्नी के बीच बढ़ते विवादों के कारण अलगाव की कगार पर पहुंचे परिवारों को फिर से जोड़ने के लिए महिला सहायता प्रकोष्ठ/परिवार परामर्श केंद्र, गाजीपुर लगातार सराहनीय प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में रविवार को आयोजित सुनवाई में 03 विवादित दंपतियों के बीच सफलतापूर्वक सुलह कराकर उन्हें राजी-खुशी सकुशल विदाई दी गई।

पुलिस अधीक्षक गाजीपुर के कुशल निर्देशन में महिला सहायता प्रकोष्ठ/परिवार परामर्श केंद्र द्वारा पति-पत्नी के विवाद से जुड़े कुल 27 प्रकरणों की सुनवाई की गई। लंबे समय से विवादित चल रहे तीन मामलों में दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर समझाया गया। आपसी संवाद और मध्यस्थता के जरिए दंपतियों ने पुराने गिले-शिकवे भुलाकर साथ रहने पर सहमति जताई। इसके बाद तीनों परिवारों को खुशी-खुशी विदाई दी गई।

कई मामलों का हुआ निस्तारण

सुनवाई के दौरान 04 प्रकरणों में कुशलता के बाद पत्रावली बंद कर दी गई, जबकि 06 मामलों में विधिक सुझाव प्रदान कर पत्रावली का निस्तारण किया गया। वहीं 05 प्रकरणों में दोनों पक्षों के उपस्थित न होने के कारण पत्रावली बंद कर दी गई। शेष मामलों में अभी मध्यस्थता पूरी नहीं होने के कारण संबंधित पक्षों को अगली तिथि निर्धारित की गई।

मध्यस्थता से बच रहे परिवार, टूटने से

परिवार परामर्श केंद्र की पहल ऐसे दंपतियों के लिए उम्मीद की किरण बन रही है, जिनके रिश्ते छोटे-बड़े विवादों के चलते टूटने की कगार पर पहुंच जाते हैं। केंद्र द्वारा दोनों पक्षों को शांतिपूर्ण वातावरण में अपनी बात रखने का अवसर देकर आपसी समझ और संवाद के माध्यम से विवादों का समाधान कराने का प्रयास किया जा रहा है।

इस कार्य में विक्रमादित्य मिश्रा, वीरेंद्र नाथ राम, कमरुद्दीन, अनीता यादव, महिला प्रकोष्ठ प्रभारी उपनिरीक्षक नीतू मिश्रा, महिला आरक्षी सोनाली, महिला आरक्षी रागिनी चौबे, महिला आरक्षी संध्या, महिला आरक्षी अभिलाषा तथा आरक्षी शिव शंकर यादव सहित अन्य कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

तीन परिवारों का फिर से एक होना न केवल परामर्श केंद्र की सफलता है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि संवाद और समझदारी से कई रिश्तों को टूटने से बचाया जा सकता है।