गाजीपुर। शैक्षिक सत्र 2025-26 में दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति से वंचित रह गए छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। समाज कल्याण विभाग ने लंबित छात्रवृत्ति प्रकरणों के निस्तारण के लिए विशेष प्रक्रिया और समय-सारिणी जारी कर दी है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी अभय कुमार सिंह ने बताया कि समाज कल्याण अनुभाग-3 द्वारा 25 अगस्त 2026 को जारी निर्देश के तहत ऐसे छात्र-छात्राओं का मास्टर डाटाबेस तैयार किया जाएगा, जिन्होंने पूर्व में आवेदन किया था, लेकिन विभिन्न तकनीकी अथवा संस्थागत कारणों से छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिल सका।
इनमें शिक्षण संस्थान स्तर पर लंबित आवेदन, PFMS से रिस्पांस न मिलना, PFMS पर भुगतान लंबित होना, मास्टर फीस न मिलना, गलत एफिलिएशन अथवा गलत काउंसिलिंग दर्ज होना जैसे मामले शामिल हैं।
यह है पूरी समय-सारिणी
1 से 7 सितंबर 2026: शिक्षण संस्थानों द्वारा मास्टर डाटा तैयार किया जाएगा।
2 से 8 सितंबर: विश्वविद्यालय/एफिलिएटिंग एजेंसी द्वारा फीस आदि का सत्यापन।
3 से 10 सितंबर: विश्वविद्यालय/एफिलिएटिंग एजेंसी द्वारा रिजल्ट अपलोड।
16 से 18 सितंबर: छात्र-छात्राओं द्वारा त्रुटिपूर्ण आवेदन में सुधार।
17 से 19 सितंबर: छात्रों द्वारा संशोधित आवेदन संस्था में जमा करना और संस्था द्वारा पुनः अग्रसारित करना।
29 सितंबर से 2 अक्टूबर: छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि का अंतरण प्रस्तावित है।
लापरवाही पर संस्था या छात्र होंगे जिम्मेदार
जिला समाज कल्याण अधिकारी ने सभी संबंधित शिक्षण संस्थानों और छात्र-छात्राओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना की प्रक्रिया पूरी कराएं। योजना में समूह 1, 2, 3 एवं 4 के पाठ्यक्रमों तथा कक्षा 11-12 से संबंधित पात्र छात्र-छात्राओं को भी शामिल किया गया है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में आवश्यक कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण यदि कोई पात्र छात्र छात्रवृत्ति से वंचित रह जाता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित शिक्षण संस्था अथवा छात्र की होगी।
छात्रों के लिए जरूरी संदेश: जिन विद्यार्थियों का 2025-26 का छात्रवृत्ति आवेदन किसी तकनीकी या संस्थागत कारण से अटक गया था, वे संबंधित कॉलेज/संस्था से तत्काल संपर्क कर अपने आवेदन की स्थिति और आवश्यक सुधार की जानकारी लें।

