गाजीपुर, 14 सितम्बर। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) की समयबद्ध पहचान और उनकी स्क्रीनिंग को प्रभावी बनाने के लिए PRASHAST 2.0 एप पर शिक्षकों की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य परियोजना कार्यालय के निर्देशों के क्रम में जिले के सरकारी, परिषदीय, प्राइवेट एडेड एवं प्राइवेट अनएडेड विद्यालयों के शिक्षकों को पोर्टल पर ऑनबोर्ड कराने तथा आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी कराने पर जोर दिया गया है।

निर्देशों के अनुसार PRASHAST 2.0 पर ऑनबोर्ड होने से पहले शिक्षकों के लिए निर्धारित 10 सेन्सिटाइजेशन वीडियोज देखना अनिवार्य है। 09 सितम्बर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में 2,24,803 शिक्षक यानी 13.86 प्रतिशत शिक्षक वीडियो देखने के बाद पोर्टल पर ऑनबोर्ड हुए हैं, जबकि केवल 1,63,062 शिक्षक यानी 10.06 प्रतिशत ने सभी 10 वीडियो देखे हैं। इस प्रगति को असंतोषजनक मानते हुए ऑनलाइन स्क्रीनिंग प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।

शिक्षकों को तकनीकी दिक्कतों से राहत देने के लिए शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा NIC के सहयोग से प्रतिदिन दोपहर 3 से शाम 4 बजे तक YouTube पर तकनीकी सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इन सत्रों के माध्यम से PRASHAST 2.0 से जुड़ी तकनीकी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।

जिले के सभी बोर्डों के विद्यालयों में अवशेष शिक्षकों को PRASHAST पोर्टल पर एक सप्ताह के भीतर ऑनबोर्ड कराने और सभी 10 सेन्सिटाइजेशन वीडियो पूर्ण कराने को कहा गया है। इसके बाद बच्चों की ऑनलाइन स्क्रीनिंग प्रक्रिया को भी गति दी जाएगी।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपासना रानी वर्मा ने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की समयबद्ध पहचान, उन्हें आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने और समावेशी शिक्षा को प्रभावी बनाने के लिए सभी विद्यालयों एवं शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता बेहद जरूरी है।