गाजीपुर, 14 सितम्बर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गाजीपुर के तत्वावधान में माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जय प्रकाश यादव के निर्देशन में सोमवार को जनपद न्यायालय के दसकक्षीय सभागार में हिंदी दिवस के अवसर पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।

संगोष्ठी को संबोधित करते हुए जनपद न्यायाधीश जय प्रकाश यादव ने कहा कि भारत विविध भाषाओं, जातियों और धर्मों वाला विशाल देश है। व्यापार, संस्कृति और सामाजिक संबंधों के माध्यम से देश के लोग एक-दूसरे से जुड़े हैं। ऐसे में हिंदी एक ऐसी भाषा है, जिसे बोलना, लिखना और समझना अपेक्षाकृत सरल है। उन्होंने कहा कि हिंदी दिवस मनाने का उद्देश्य हिंदी का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार और सम्मान सुनिश्चित करना है। हिंदी हमारी पहचान, स्वाभिमान तथा देश की संस्कृति और संस्कारों का प्रतिबिंब है।

पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण संजय हरी शुक्ला ने कहा कि हिंदी के विकास के लिए इसका व्यवहारिक जीवन में अधिक से अधिक प्रयोग जरूरी है। वहीं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/नोडल अधिकारी लोक अदालत शक्ति सिंह ने भाषा को विचारों की अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम बताया।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव नीरज गोंड ने कहा कि भाषा विचारों के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण माध्यम है और हिंदी देश की राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

कार्यक्रम में हार्दिक सिंह, मोनी वर्मा, कृपाशंकर राय, बृजभूषण श्रीवास्तव, गौतम द्विवेदी एवं राजन पाण्डेय समेत अन्य वक्ताओं ने भी हिंदी के महत्व पर विचार व्यक्त किए।

इस अवसर पर श्वेता वर्मा, संजय के लाल, राम अवतार प्रसाद, विजय कुमार-चतुर्थ सहित अन्य न्यायिक अधिकारी, अधिवक्तागण एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।