गाजीपुर। लोक निर्माण विभाग में कार्यरत लिपिक संवर्ग के कर्मचारियों के विभिन्न विकास खंडों एवं तहसीलों में किए गए संबद्धीकरण के विरोध में उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग मिनिस्टीरियल एसोसिएशन की जनपद शाखा गाजीपुर ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। संगठन ने संबद्धीकरण की कार्रवाई को नियमविरुद्ध बताते हुए इसे तत्काल निरस्त करने की मांग की है। मांग पूरी नहीं होने पर संगठन के निर्देश पर 5 सितंबर से लिपिक संवर्ग ने कलमबंद कर अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है।

संगठन की ओर से जारी पत्र के अनुसार, जनपद में लोक निर्माण विभाग के लिपिक कर्मचारियों को विभिन्न ब्लाकों और तहसीलों में संबद्ध किया गया है। एसोसिएशन ने इस कार्रवाई को लेकर पहले अपने नियुक्ति अधिकारी से वार्ता की। इसके बाद अधीक्षण अभियंता और मुख्य अभियंता को भी पूरे प्रकरण से अवगत कराया गया। संगठन पदाधिकारियों का कहना है कि अधिकारियों के समक्ष कर्मचारियों की समस्याओं और विभागीय कार्यों पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को विस्तार से रखा गया है।

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एसोसिएशन के अनुसार, मुख्य अभियंता की ओर से आश्वासन दिया गया है कि किसी भी कर्मचारी को तत्काल रिलीव नहीं किया जाएगा। साथ ही संबंधित अधिशासी अभियंताओं से वार्ता कर आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही गई है। संगठन ने संबंधित अधिशासी अभियंताओं से भी अनुरोध किया है कि अन्य विभागों में संबद्ध किए गए कर्मचारियों को अधीक्षण अभियंता की अनुमति के बाद ही अवमुक्त किया जाए।

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आंदोलन की शुरुआत चरणबद्ध तरीके से की गई। 3 सितंबर को लिपिक कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर अपने कार्यों का निर्वहन करते हुए सांकेतिक विरोध दर्ज कराया था। इसके बाद संगठन ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि संबद्धीकरण की कार्रवाई वापस नहीं ली गई तो 5 सितंबर से पूरा लिपिक संवर्ग कलमबंद कर अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार करता रहेगा। संगठन के मुताबिक तय कार्यक्रम के तहत कार्य बहिष्कार शुरू हो चुका है।

गाज़ीपुर जनपद अध्यक्ष मनोज सिंह यादव और जनपद सचिव राजेश यादव ने कहा कि लोक निर्माण विभाग पहले से ही विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों के भारी दबाव में काम कर रहा है। ऐसे में विभागीय लिपिक कर्मचारियों को उनके मूल कार्यालयों से हटाकर अन्य स्थानों पर संबद्ध किए जाने से कार्यालयीन कार्य प्रभावित हो सकते हैं। उनका कहना है कि इससे पत्रावलियों के निस्तारण, विभागीय प्रक्रिया और निर्माण एवं विकास कार्यों से जुड़े प्रशासनिक कामकाज की गति पर भी असर पड़ने की आशंका है।

संगठन पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी से संबद्धीकरण की कार्रवाई तत्काल निरस्त करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन टकराव नहीं, बल्कि अधिकारियों के साथ वार्ता के माध्यम से समस्या का समाधान चाहता है। हालांकि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को आगे भी जारी रखने की चेतावनी दी गई है।

प्रदर्शन/ बैठक में आंदोलन की रणनीति और कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। इस दौरान अरविंद सिंह, प्रशासनिक अधिकारी, सूर्य प्रताप शर्मा, राजेश, श्रीचंद यादव, कृष्ण मोहन, सुरेंद्र, फुल्लू यादव, राधेश्याम समेत संगठन के अन्य पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

अब नजर इस बात पर है कि विभागीय अधिकारी और जिला प्रशासन लिपिक संवर्ग की मांगों पर क्या निर्णय लेते हैं और अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार का समाधान वार्ता से निकलता है या आंदोलन आगे और व्यापक रूप लेता है।