टीएलएम, स्टूडेंट लर्निंग किट व डायरी की होगी व्यवस्था, नवाचारी शिक्षण सामग्री को मिलेगा प्रोत्साहन

गाजीपुर। पीएमश्री योजना के अंतर्गत वर्ष 2026-27 में जनपद के प्राथमिक एवं कम्पोजिट विद्यालयों में कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों के शिक्षण-अधिगम को अधिक रोचक, प्रभावी और गतिविधि आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसके तहत विद्यालयों में टीएलएम (Teaching Learning Material), स्टूडेंट लर्निंग किट एवं स्टूडेंट डायरी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

निर्देशों के अनुसार उपलब्ध धनराशि का उपयोग शिक्षण-अधिगम सामग्री एवं टीएलएम के निर्माण तथा स्टूडेंट लर्निंग किट और डायरी के क्रय में किया जाएगा। टीएलएम बच्चों के सीखने के उद्देश्यों से जुड़ा, सरल, व्यवहारिक, टिकाऊ और कम लागत में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों से तैयार होने वाला होना चाहिए।

खास बात यह है कि टीएलएम का उपयोग महज प्रदर्शन तक सीमित न रहकर कक्षा शिक्षण और विद्यार्थियों के वास्तविक अधिगम से निरंतर जुड़ा होना चाहिए। इसके निर्माण और उपयोग में छात्र-छात्राओं की सहभागिता को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। वहीं सामान्य स्टेशनरी, सफाई सामग्री, सजावट, व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुओं, फर्नीचर आदि पर इस धनराशि का उपयोग नहीं किया जा सकेगा।

इसके साथ ही ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर ‘निपुण टीएलएम मेला उत्सव’ आयोजित किया जाएगा। इसमें शिक्षकों द्वारा तैयार उत्कृष्ट एवं नवाचारी टीएलएम का प्रदर्शन तथा कक्षा में उसके प्रभावी उपयोग का प्रस्तुतीकरण होगा। उत्कृष्ट सामग्री को सम्मानित करने के साथ उसका संकलन कर राज्य स्तर पर प्रसार भी किया जाएगा।

जनपद स्तर पर योजना की निगरानी जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा की जाएगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपासना रानी वर्मा ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य स्थानीय एवं कम लागत वाली सामग्री के माध्यम से बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को अधिक रोचक और प्रभावी बनाना तथा निपुण लक्ष्यों की प्राप्ति को गति देना है।