SHVR 2026-27 में गाजीपुर के 3,799 विद्यालयों का पंजीकरण बाकी, बीएसए ने दिए शत-प्रतिशत सहभागिता के निर्देश

गाजीपुर। स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग (SHVR 2026-27) कार्यक्रम को लेकर जनपद गाजीपुर में अभियान तेज कर दिया गया है। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय, लखनऊ के निर्देशों के क्रम में जिले के सभी परिषदीय, सहायता प्राप्त एवं अन्य विद्यालयों को कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से प्रतिभाग करना है।

जनपद में कुल 5,362 विद्यालय SHVR कार्यक्रम के लिए लक्षित हैं, जिनमें से अब तक 1,563 विद्यालयों ने पंजीकरण करा लिया है। वहीं 3,799 विद्यालयों का पंजीकरण अभी शेष है। इसे गंभीरता से लेते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्रीमती उपासना रानी वर्मा ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों, संकुल प्रभारियों एवं प्रधानाध्यापकों/प्रभारी अध्यापकों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।

उन्होंने कहा कि जिन विद्यालयों ने अभी तक SHVR 2026-27 में पंजीकरण नहीं कराया है, वे बिना किसी विलंब के निर्धारित आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण एवं स्व-मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी करें। शासन स्तर से कार्यक्रम की नियमित समीक्षा की जा रही है, ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

सिर्फ रेटिंग नहीं, विद्यालयों में बदलाव का अभियान

बीएसए ने कहा कि स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग कार्यक्रम केवल रेटिंग हासिल करने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह विद्यालय परिसरों को स्वच्छ, सुंदर, हरित और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से स्वच्छता, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन, हरियाली और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

साथ ही विद्यार्थियों में स्वच्छता एवं पर्यावरण के प्रति जागरूकता, जिम्मेदारी और सकारात्मक व्यवहार विकसित करने में भी कार्यक्रम अहम भूमिका निभाएगा।

3,799 विद्यालयों पर अब निगाह

जिले में अभी 3,799 विद्यालयों का पंजीकरण लंबित होने के कारण विभाग ने अभियान को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं शिक्षकों से शेष विद्यालयों का पंजीकरण और स्व-मूल्यांकन जल्द से जल्द पूरा कराते हुए जनपद में शत-प्रतिशत सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा है।

उन्होंने समस्त विद्यालयों से सामूहिक प्रयास करने की अपील करते हुए कहा कि गाजीपुर को SHVR 2026-27 में राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन दिलाने के लिए प्रत्येक विद्यालय की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। यह पहल न केवल विद्यालयों की तस्वीर बदलेगी, बल्कि विद्यार्थियों के माध्यम से स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश समाज तक भी पहुंचाएगी।