राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान-3.0 के तहत जनपद न्यायालय में बैठक, पक्षकारों को सुलह-समझौते का लाभ उठाने की अपील

गाजीपुर। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से माननीय अध्यक्ष, मीडिएशन एवं कंसीलियेशन प्रोजेक्ट कमेटी, सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली के निर्देशानुसार 01 अगस्त से 30 दिसंबर 2026 तक राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान-3.0 चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य न्यायालयों में लंबित प्रकरणों का मध्यस्थता एवं सुलह-समझौते के माध्यम से अधिक से अधिक संख्या में निस्तारण कर पक्षकारों को सरल, शीघ्र और प्रभावी न्याय उपलब्ध कराना है।

अभियान के माध्यम से पक्षकारों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिलने के साथ ही उनके समय और धन की बचत भी सुनिश्चित की जा सकती है। इसके तहत पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा एवं धारा 498ए आईपीसी/धारा 85 बीएनएस से संबंधित मामले, मोटर दुर्घटना दावा, चेक बाउंस, इजराय संबंधी वाद, आर्बिट्रेशन, वाणिज्यिक विवाद, भूमि अधिग्रहण, श्रम कानून से जुड़े प्रकरण तथा अन्य सिविल वादों को संबंधित न्यायालय के माध्यम से सुलह-समझौता केंद्र को संदर्भित कराया जा सकता है।

इसी क्रम में 22 सितंबर 2026 को जनपद न्यायालय गाजीपुर के दसकक्षीय सभागार में अपराह्न 1 बजे बैठक आयोजित की गई। बैठक में मध्यस्थता अभियान-3.0 के प्रभावी क्रियान्वयन तथा लंबित मामलों को आपसी सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारित किए जाने पर चर्चा की गई।

बैठक में नीरज गोंड, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गाजीपुर, राजेन्द्र विक्रम सिंह, अध्यक्ष, सिविल बार एसोसिएशन गाजीपुर, अंजनी कुमार ठाकुर, महासचिव, सिविल बार एसोसिएशन गाजीपुर, श्रीमती परमशीला, सदस्य स्थायी लोक अदालत गाजीपुर सहित मध्यस्थ अधिवक्तागण एवं पैनल अधिवक्तागण उपस्थित रहे।

अधिकारियों ने अभियान का लाभ अधिक से अधिक पात्र पक्षकारों तक पहुंचाने तथा विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया।