गाजीपुर। राजभाषा हिंदी के क्षेत्र में गाजीपुर ने राष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। गृह मंत्रालय, भारत सरकार के राजभाषा विभाग द्वारा नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), गाजीपुर को वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान राजभाषा हिंदी के उत्कृष्ट, प्रभावी एवं सराहनीय कार्यान्वयन के लिए प्रशंसनीय श्रेणी में राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
यह गौरवपूर्ण सम्मान मुंबई में आयोजित हिंदी दिवस एवं राष्ट्रीय राजभाषा सम्मेलन के भव्य समारोह में प्रदान किया गया। राष्ट्रीय स्तर पर मिले इस सम्मान से गाजीपुर के विभिन्न केंद्रीय सरकारी कार्यालयों, बैंकों एवं उपक्रमों में कार्यरत अधिकारियों-कर्मचारियों में उत्साह का माहौल है।
नराकास, गाजीपुर द्वारा सदस्य कार्यालयों में हिंदी के प्रचार-प्रसार, सरकारी पत्राचार में हिंदी के प्रयोग, डिजिटल माध्यमों में हिंदी को बढ़ावा देने तथा नियमित बैठकों एवं कार्यशालाओं के प्रभावी आयोजन के लिए किए गए निरंतर प्रयासों को इस राष्ट्रीय सम्मान का आधार माना गया है।
इस उपलब्धि पर नराकास, गाजीपुर के अध्यक्ष श्री विनय शंकर ने समिति से जुड़े सभी सदस्य कार्यालयों, संस्थानों के प्रमुखों एवं राजभाषा अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार किसी एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं, बल्कि नराकास गाजीपुर से जुड़े सभी सदस्य कार्यालयों की निष्ठा, सतत प्रयास और सामूहिक योगदान का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि यह सम्मान भविष्य में राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार तथा प्रशासनिक कार्यों में इसके अधिकाधिक और प्रभावी प्रयोग के लिए नई ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान करेगा। नराकास, गाजीपुर आगे भी नई कार्ययोजनाओं के साथ राजभाषा हिंदी के उत्तरोत्तर विकास और उसके सहज एवं सुगम प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।

