गाजीपुर। जिलाधिकारी/जिला उप संचालक चकबंदी की अध्यक्षता में चकबंदी कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने 05 वर्ष से अधिक पुराने लंबित वादों के त्वरित एवं गुणवत्तापरक निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। जनपद के विभिन्न चकबंदी न्यायालयों में कुल 5,307 वाद विचाराधीन हैं, जिनमें 647 वाद पांच वर्ष से अधिक पुराने हैं।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विशेष अभियान चलाकर पांच वर्ष से अधिक पुराने सभी वादों का दो माह के भीतर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही गांवों में समय-समय पर ग्राम अदालत आयोजित कर वादों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने को कहा गया।
बैठक में वर्तमान में चकबंदी प्रक्रिया से जुड़े 22 ग्रामों की ग्रामवार समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य एवं मानकों के अनुरूप चकबंदी कार्यों में तेजी लाने तथा प्रक्रिया को पारदर्शी, समयबद्ध और गुणवत्तापरक बनाए रखने के निर्देश दिए गए। शेष 20 ग्रामों में चल रही चकबंदी कार्यवाही को निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने पर विशेष जोर दिया गया।
हाईकोर्ट से प्रभावित गांवों में प्रभावी पैरवी के निर्देश
समीक्षा के दौरान तिलसड़ा और दरवेपुर गांवों में उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश के कारण प्रभावित चकबंदी कार्यों की भी समीक्षा हुई। जिलाधिकारी ने स्थगन आदेश समाप्त कराने के लिए उच्च न्यायालय में प्रभावी पैरवी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में अधिकारी संवेदनशीलता बरतें और आईजीआरएस, विभिन्न पटलों तथा मुख्यमंत्री संदर्भों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। साथ ही वर्तमान वित्तीय वर्ष में लक्षित गांवों में धारा 7, 8, 9, 10, 20, 23, 24, 27 एवं 52 के तहत कार्यों को गति देते हुए दो से तीन वर्ष में चकबंदी प्रक्रिया पूर्ण करने के लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में बन्दोबस्त अधिकारी चकबंदी रमजान बख्श, अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) वेद सिंह चौहान सहित समस्त चकबंदी अधिकारी एवं सहायक चकबंदी अधिकारी उपस्थित रहे।

