गाजीपुर। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है। जिलाधिकारी श्री अनुपम शुक्ला ने बताया कि केंद्रीय जल आयोग की सूचना के अनुसार अगले 24–48 घंटों में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर सकता है। ऐसे में जिले की पांचों तहसीलों के निचले इलाकों में बसे गांवों में बाढ़ और जलस्तर बढ़ने से समस्याएं उत्पन्न होने की आशंका है।

 152 बाढ़ चौकियां, 46 शरणालय और 229 नावें तैयार

स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिले में 152 बाढ़ चौकियां, 46 बाढ़ शरणालय और 229 नावें सक्रिय कर दी गई हैं। इसके साथ ही पीएसी की टीमें भी तैनात की गई हैं। बाढ़ राहत किट के साथ शरणालयों में पक्के भोजन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि घबराएं नहीं और अफवाहों पर ध्यान न दें। किसी भी स्थिति में केवल प्रशासनिक स्तर से जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

 इन बातों का रखें विशेष ध्यान

छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पशुओं को समय रहते सुरक्षित ऊंचे स्थान या बाढ़ शरणालय में पहुंचाएं।

बच्चों को बाढ़ के पानी में जाने या नहाने न दें।

जरूरी दस्तावेज, दवाइयां, सूखा राशन और पीने का पानी पहले से तैयार रखें।

गर्भवती महिलाओं, दिव्यांगों और गंभीर रूप से बीमार लोगों की सूचना तत्काल बाढ़ चौकी/लेखपाल को दें।

बिजली के खंभों और टूटे या खुले तारों से दूर रहें।

बाढ़ के पानी में वाहन चलाने से बचें।

तेज बहाव वाले पानी के पास सेल्फी लेने या तैरने का प्रयास बिल्कुल न करें।

नाव में क्षमता से अधिक लोगों को न बैठाएं और प्रतिबंधित क्षेत्रों में नाव न चलाएं।

प्रत्येक नाव में लाइफ जैकेट और लाइफ रिंग अनिवार्य रूप से रखें और उनका इस्तेमाल करें।

 आपात स्थिति में इन नंबरों पर करें संपर्क

पुलिस कंट्रोल रूम: 112

जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष: 0548-2224041

तहसील सदर: 0548-2221334

तहसील सैदपुर: 05495-222050

तहसील जमानिया: 05497-252074

तहसील जखनियां: 9454417089, 8739057296

तहसील मुहम्मदाबाद: 05493-242006

तहसील कासिमाबाद: 05493-252015

तहसील सेवराई: 05497-297597

प्रशासन की अपील

“सतर्क रहें, सुरक्षित रहें—घबराएं नहीं।”

बाढ़ की स्थिति में समय पर सुरक्षित स्थान पर पहुंचना ही सबसे बड़ा बचाव है। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल संबंधित बाढ़ चौकी अथवा जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष को दें।