गाजीपुर, 02 सितंबर 2026 | नौनिहालों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त है। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के निर्देशन में जनपद के परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के निष्प्रयोज्य और अत्यंत जर्जर भवनों के ध्वस्तीकरण अभियान में तेजी आई है। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) की प्रत्यक्ष निगरानी में अभियान को युद्धस्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है।

 171 जर्जर भवन जमींदोज, 25 अभी बाकी

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी अद्यतन रिपोर्ट के मुताबिक जनपद में कुल 196 जर्जर विद्यालय भवन चिह्नित किए गए थे। इनमें से अब तक 171 भवनों का सुरक्षित ध्वस्तीकरण पूरा कराया जा चुका है।

कुल चिह्नित जर्जर भवन 196

ध्वस्तीकरण पूर्ण 171

अवशेष भवन 25

अभियान की प्रगति लगभग 87%

 25 भवनों पर जल्द कार्रवाई के निर्देश

अवशेष 25 जर्जर भवनों को लेकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को व्यक्तिगत निगरानी में ध्वस्तीकरण कार्य तत्काल पूरा कराने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन का स्पष्ट जोर केवल भवन गिराने पर नहीं, बल्कि पूरी प्रक्रिया के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है।

 सुरक्षा मानकों पर विशेष जोर

ध्वस्तीकरण के दौरान—

विद्यार्थियों को ध्वस्तीकरण स्थल से सुरक्षित दूरी पर रखा जाएगा।

सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

ध्वस्तीकरण के बाद मलबे का त्वरित निस्तारण कराया जाएगा।

विद्यालयों में पठन-पाठन का संचालन सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण में सुनिश्चित किया जाएगा।

प्रशासन का संदेश साफ—सुरक्षा से कोई समझौता नहीं

जर्जर भवनों को हटाने की यह कार्रवाई विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 196 में से 171 भवनों का ध्वस्तीकरण पूरा होना अभियान की तेज प्रगति को दर्शाता है, जबकि शेष 25 भवनों पर भी जल्द कार्रवाई पूरी कराने की तैयारी है।

 लक्ष्य स्पष्ट है: जर्जर भवनों से मुक्ति और बच्चों के लिए सुरक्षित विद्यालय परिसर।