बांस-लाठी से हमला कर गंभीर रूप से घायल करने के मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला, दोनों पर ₹10-10 हजार का जुर्माना

गाजीपुर। अपराधियों को सजा दिलाने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “OPERATION CONVICTION” अभियान के तहत मॉनिटरिंग सेल एवं अभियोजन की प्रभावी पैरवी के चलते एक पुराने मामले में न्यायालय ने दो अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए 5-5 वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है।

दिनांक 19 अगस्त 2026 को एडीजे-3 न्यायालय ने थाना कासिमाबाद में वर्ष 2010 में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 742/2010, धारा 308/34 भादंवि में सुनवाई करते हुए अभियुक्त रामाशीष पुत्र सुदामा बिन्द तथा राजाराम पुत्र गामा बिन्द को दोषसिद्ध किया।

मामला बांस और लाठी से मारपीट कर व्यक्ति को गंभीर रूप से घायल करने से जुड़ा था। मामले में मॉनिटरिंग सेल एवं अभियोजन द्वारा लगातार प्रभावी पैरवी की गई, जिसके परिणामस्वरूप न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को 5-5 वर्ष के साधारण कारावास तथा ₹10,000-₹10,000 के अर्थदण्ड से दंडित किया।

अर्थदण्ड अदा न करने की स्थिति में दोनों अभियुक्तों को एक-एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

 पुलिस की प्रभावी पैरवी से अपराधियों को मिली सजा

करीब 16 वर्ष पुराने मामले में आई इस सजा को पुलिस की प्रभावी पैरवी और OPERATION CONVICTION अभियान की महत्वपूर्ण सफलता के रूप में देखा जा रहा है।