गाजीपुर। किसानों से निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर उर्वरक बेचने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के निर्देश पर तहसीलदार सैदपुर द्वारा मेसर्स आनन्द खाद भण्डार, विकास खण्ड सैदपुर की जांच की गई। जांच में निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर उर्वरक बेचने की पुष्टि होने के बाद संबंधित विक्रेता के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज करा दी गई।

जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार ने उर्वरक विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों को वर्तमान में प्रमुख रूप से प्रयोग होने वाली यूरिया निर्धारित मूल्य पर ही उपलब्ध कराना अनिवार्य है। यदि कोई विक्रेता अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से अधिक कीमत वसूलता है अथवा यूरिया के साथ कम प्रचलित अन्य उत्पाद खरीदने के लिए किसानों को बाध्य करता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बीज की ऑनलाइन बुकिंग शुरू, ई-लॉटरी से होगा किसानों का चयन

कृषकों को खरीफ एवं रबी मौसम में दलहन, तिलहन और मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग की ओर से बीज की ऑनलाइन बुकिंग शुरू कर दी गई है। किसानों का चयन ई-लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। रबी मौसम के लिए भी ऑनलाइन बुकिंग प्रारंभ हो चुकी है।

किसान कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं।

अरहर, तिल, ज्वार, बाजरा, कोदो, सांवा तथा मडुवा/रागी के बीज मिनीकिट निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। वहीं रबी सीजन में चना, मटर, मसूर और सरसों के बीज के लिए भी ऑनलाइन बुकिंग की जा रही है।

किसानों से अपील—जरूरत के अनुसार ही करें उर्वरकों का प्रयोग

जिला कृषि अधिकारी ने किसानों से वैज्ञानिक संस्तुतियों के अनुसार ही उर्वरकों की खरीद एवं प्रयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आवश्यकता से अधिक उर्वरक खरीदने या खेतों में डालने से खेती की लागत बढ़ने के साथ मिट्टी और पर्यावरण के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

कृषकों को उच्च गुणवत्तायुक्त उत्पादन एवं मृदा स्वास्थ्य के लिए हरी खाद, कम्पोस्ट, वर्मी कम्पोस्ट, नैनो डीएपी और नैनो यूरिया जैसे विकल्पों के प्रयोग को बढ़ावा देने की सलाह दी गई है।

प्रशासन की इस कार्रवाई से किसानों में उम्मीद जगी है कि खाद की मनमानी कीमत वसूली और जबरन अतिरिक्त उत्पाद थोपने पर अब प्रभावी अंकुश लगेगा।