शासकीय भवनों का तत्काल तकनीकी परीक्षण कराने के निर्देश, लापरवाही पर FIR और निलंबन तक की चेतावनी
गाजीपुर। जनपद में जर्जर एवं असुरक्षित शासकीय भवनों को लेकर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया है। अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को अपने नियंत्रणाधीन समस्त सरकारी भवनों का तत्काल स्थलीय निरीक्षण एवं तकनीकी परीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि निरीक्षण के दौरान यदि कोई भवन जर्जर, जीर्ण-शीर्ण अथवा असुरक्षित पाया जाता है तो संबंधित विभागीय नियमों एवं शासनादेशों के तहत उसके ध्वस्तीकरण अथवा अन्य आवश्यक सुरक्षात्मक कार्रवाई तत्काल की जाए।
जर्जर भवनों में प्रवेश पर रोक
असुरक्षित पाए गए भवनों में किसी भी अधिकारी, कर्मचारी अथवा आमजन का आवागमन या उपयोग नहीं होने दिया जाएगा। जरूरत के अनुसार भवन को सुरक्षित तरीके से खाली कराने के साथ ही उसके आसपास चेतावनी बोर्ड एवं सुरक्षा व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
हादसा हुआ तो तय होगी जवाबदेही
डीएम ने चेतावनी दी है कि यदि किसी जर्जर अथवा असुरक्षित सरकारी भवन के संबंध में समय रहते कार्रवाई नहीं की गई और लापरवाही के चलते भवन गिरने से कोई अप्रिय घटना होती है, तो संबंधित विभागाध्यक्ष/कार्यालयाध्यक्ष की जवाबदेही तय की जाएगी। उनके विरुद्ध नियमानुसार प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जाएगी।
यदि ऐसी घटना में जनहानि अथवा गंभीर क्षति होती है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ निलंबन की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
कार्रवाई की रिपोर्ट भी देनी होगी
जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया है कि अपने-अपने नियंत्रणाधीन भवनों का निरीक्षण एवं तकनीकी परीक्षण कराकर जर्जर और असुरक्षित भवनों के संबंध में आवश्यक कार्रवाई प्राथमिकता के आधार पर पूरी कराएं। की गई कार्रवाई की आख्या भी अनिवार्य रूप से जिला प्रशासन को उपलब्ध करानी होगी।
डीएम के सख्त निर्देश के बाद जर्जर सरकारी भवनों को लेकर विभागों में हलचल तेज हो गई है। अब देखना होगा कि जिले में कितने सरकारी भवन जांच में असुरक्षित पाए जाते हैं और उन पर कितनी तेजी से कार्रवाई होती है।

