अनुसूचित जाति/जनजाति के लाभार्थियों को मिलेगा खाद्य प्रसंस्करण का व्यावहारिक प्रशिक्षण, रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों को मिलेगा बढ़ावा

गाजीपुर। अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लाभार्थियों को खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में प्रशिक्षित कर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। खाद्य प्रसंस्करण विभाग, गाजीपुर के तत्वावधान में 100 दिवसीय खाद्य प्रसंस्करण प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ गुरुवार को राजकीय फल संरक्षण केन्द्र, गाजीपुर के परिसर में किया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन ज्वाला प्रसाद, प्रधानाचार्य, राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केन्द्र, वाराणसी-मंडल, वाराणसी ने किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल सभी परीक्षार्थियों को प्रशिक्षण से संबंधित किट बैग का वितरण भी किया गया।

खाद्य प्रसंस्करण की तकनीकों से रूबरू होंगे प्रशिक्षणार्थी

कार्यक्रम के दौरान आशीष कुमार, जिला उद्यान अधिकारी एवं उपायुक्त, जिला उद्योग एवं प्रोत्साहन केन्द्र, गाजीपुर ने प्रशिक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी एवं व्याख्यान दिया। उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं तथा प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला।

वहीं, प्रभारी राजकीय फल संरक्षण केन्द्र, गाजीपुर ने प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण की प्रक्रिया, विषय-वस्तु एवं इससे जुड़ी महत्वपूर्ण बातों की जानकारी दी।

100 दिन का प्रशिक्षण बनेगा हुनर की मजबूत नींव

100 दिवसीय यह प्रशिक्षण अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लाभार्थियों के लिए खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में कौशल विकसित करने का अवसर प्रदान करेगा। प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ी तकनीकों और व्यावहारिक ज्ञान से परिचित कराया जाएगा, जिससे वे भविष्य में स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ा सकें।

कार्यक्रम के शुभारंभ के साथ ही प्रशिक्षणार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद प्रतिभागी प्राप्त हुनर का उपयोग कर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के साथ-साथ खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में नई संभावनाएं तलाश सकेंगे।