गाजीपुर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने शुक्रवार को जनपद में संचालित आईटीआई सदर स्थित स्थायी गौशाला, नगर पालिका परिषद की अस्थाई गौशाला एवं आंगनबाड़ी केंद्र मोहनपुरा का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखी और संबंधित अधिकारियों को मानकों के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अस्थाई गौशाला के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने गोवंश के लिए उपलब्ध हरे चारे और भूसे की मात्रा का जायजा लिया। उन्होंने चारे के उचित भंडारण के साथ ही उसकी नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
डीएम ने गौशाला में बिजली कनेक्शन, सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता और पशु मृत्यु रजिस्टर की भी जांच की। निरीक्षण में गौशाला परिसर में इंटरलॉकिंग का कार्य अधूरा मिला, जिस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्य को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि गौवंश के रखरखाव में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए और गौशाला की व्यवस्थाएं व्यवस्थित एवं मानक के अनुरूप रहनी चाहिए।
इसके बाद जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्र मोहनपुरा का निरीक्षण किया। उन्होंने गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण रजिस्टर का अवलोकन किया। रजिस्टर में दर्ज एक लाभार्थी से संपर्क कर डीएम ने उसके स्वास्थ्य और टीकाकरण की स्थिति की जानकारी स्वयं ली।
बच्चों के जन्म पंजीकरण एवं टीकाकरण से संबंधित अभिलेखों की भी जांच की गई। जिलाधिकारी ने अभिलेख में दर्ज एक बच्चे के अभिभावक से संपर्क कर बच्चे के स्वास्थ्य और दवाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं की वास्तविक स्थिति का फीडबैक सीधे लाभार्थियों से लिया।
जिलाधिकारी ने व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया कि आशा कार्यकर्ताओं का नियमित प्रशिक्षण कराया जाए, ताकि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में और सुधार हो सके।
उन्होंने जनपद के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर विद्युत व्यवस्था जल्द सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि बच्चों और गर्भवती महिलाओं को बेहतर एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाना चाहिए।
निरीक्षण के दौरान पशु चिकित्सा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं सदर एसडीएम सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
डीएम के इस निरीक्षण से साफ है कि प्रशासन अब सिर्फ कागजी रिपोर्टों पर निर्भर रहने के बजाय योजनाओं और सरकारी व्यवस्थाओं की जमीनी स्थिति को सीधे परखने पर जोर दे रहा है।

