गाजीपुर। आपसी मतभेद और घरेलू विवाद के चलते अलग रह रहे एक दंपति को महिला सहायता प्रकोष्ठ/परिवार परामर्श केंद्र गाजीपुर की प्रभावी मध्यस्थता से फिर साथ लाया गया। पति-पत्नी और ससुराल पक्ष के बीच समझाइश के बाद परिवार की सकुशल विदाई कराई गई।
पुलिस अधीक्षक गाजीपुर के कुशल निर्देशन में 23 अगस्त 2026 को महिला सहायता प्रकोष्ठ/परिवार परामर्श केंद्र में पति-पत्नी से जुड़े कुल 17 प्रकरणों की सुनवाई की गई। इनमें थाना दुल्लहपुर क्षेत्र के तलभीतर निवासी सोनी देवी पत्नी नागेंद्र ने शिकायत की थी कि उनके पति छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद करते हुए उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज करते हैं। प्रकरण में दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर समझाया गया, जिसके बाद आपसी सहमति से दंपति की विदाई कराई गई।
17 मामलों में कई का हुआ निस्तारण
परिवार परामर्श केंद्र की सुनवाई के दौरान 04 प्रकरणों में आपसी समझौते और कुशलता के बाद पत्रावली बंद कर दी गई। वहीं 03 मामलों में विधिक सुझाव देते हुए निस्तारण किया गया। 02 प्रकरणों में दोनों पक्षों के उपस्थित न होने के कारण पत्रावली बंद की गई, जबकि शेष मामलों में अभी मध्यस्थता पूरी नहीं होने पर अगली तारीख निर्धारित की गई।
इस दौरान काउंसलर विक्रमादित्य मिश्र, वीरेंद्र नाथ राम, कमरूद्दीन एवं अनीता यादव, महिला प्रकोष्ठ प्रभारी महिला उपनिरीक्षक नीतू मिश्रा, महिला आरक्षी रागिनी चौबे, सोनाली, संध्या, सविता, अभिलाषा, आरक्षी शिव शंकर यादव तथा महिला होमगार्ड उर्मिला गिरी समेत अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
मध्यस्थता बनी परिवार बचाने की मजबूत कड़ी
महिला सहायता प्रकोष्ठ/परिवार परामर्श केंद्र की पहल ने एक बार फिर साबित किया कि संवाद, समझाइश और मध्यस्थता के जरिए कई पारिवारिक विवादों को टूटने से बचाया जा सकता है। पुलिस की इस पहल से न केवल विवाद का समाधान हुआ, बल्कि एक परिवार को फिर से साथ रहने का अवसर भी मिला।

