गाजीपुर। पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत गाजीपुर पुलिस की मॉनिटरिंग सेल एवं अभियोजन की प्रभावी पैरवी के चलते नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने अभियुक्त को कड़ी सजा सुनाई है।
दिनांक 3 अगस्त 2026 को थाना खानपुर में दर्ज मु0अ0सं0 130/2023 के मामले में अभियुक्त सूरज बारी पुत्र स्व. दिलीप बारी, निवासी विक्रमपुर, थाना सैदपुर, जनपद गाजीपुर को दोषी करार दिया गया।
अदालत ने POCSO एक्ट की धारा 5L/6 के तहत अभियुक्त को 25 वर्ष के कठोर कारावास एवं 50 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
इसके अलावा धारा 363 भादवि में 5 वर्ष का साधारण कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड, अर्थदंड न देने पर 7 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास तथा धारा 366 भादवि में 7 वर्ष का साधारण कारावास व 20 हजार रुपये अर्थदंड, अर्थदंड न देने पर 15 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा सुनाई गई।
इस प्रकार अभियुक्त पर कुल 80 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। पुलिस के अनुसार, मॉनिटरिंग सेल एवं अभियोजन द्वारा लगातार प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप यह सजा संभव हुई।
नाबालिग से जुड़े अपराधों में कठोर कार्रवाई और प्रभावी पैरवी के जरिए दोषियों को सजा दिलाने की दिशा में गाजीपुर पुलिस की यह कार्रवाई अहम मानी जा रही है।

