मानसिक स्वास्थ्य, नशा मुक्ति और लाइफ स्किल्स पर विशेषज्ञों ने किया जागरूक — 24×7 टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 की दी जानकारी
गाजीपुर। जनपद में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 18 अगस्त 2026 को करंडा ब्लॉक स्थित इंटर कॉलेज गोसंदपुर में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता एवं स्कूल मेंटल हेल्थ प्रोग्राम का आयोजन किया गया। जिला मानसिक स्वास्थ्य टीम एवं जिला तंबाकू नियंत्रण टीम के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं और छात्र-छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने छात्रों को उदासी, घबराहट, चिंता, पढ़ाई में मन न लगना तथा आत्मघाती/हत्या जैसे विचार आने जैसी मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति सजग किया। विद्यार्थियों को बताया गया कि मानसिक परेशानियों को छिपाने के बजाय समय रहते परिजनों, शिक्षकों अथवा स्वास्थ्य विशेषज्ञों से बात करना जरूरी है।
छात्रों को तनाव प्रबंधन, कॉपिंग स्किल और लाइफ स्किल के बारे में भी जानकारी दी गई, ताकि वे पढ़ाई और व्यक्तिगत जीवन में आने वाले तनाव का सकारात्मक तरीके से सामना कर सकें।
नशे के खिलाफ भी चला जागरूकता अभियान
जिला तंबाकू नियंत्रण टीम ने विद्यार्थियों एवं उपस्थित लोगों को नशीली दवाओं और तंबाकू सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक नुकसान के बारे में विस्तार से बताया। बच्चों में नशे की लत को रोकने और उससे बाहर निकलने के लिए काउंसलिंग की सुविधा के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में निकोटिन कंट्रोल प्रोग्राम एवं कोटपा एक्ट-2003 के प्रावधानों के बारे में भी जागरूक किया गया। तंबाकू से संबंधित सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800112356 साझा किया गया।
14416 पर मिलेगी 24×7 मानसिक स्वास्थ्य सहायता
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को टेली-मानस टोल-फ्री हेल्पलाइन 14416 की जानकारी देते हुए बताया गया कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता के लिए इस सेवा का लाभ 24×7 लिया जा सकता है।
विद्यालय के अध्यापकों को मानसिक मंदता सहित विभिन्न मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के लक्षणों और समय पर जांच एवं परामर्श के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई। बताया गया कि जनपद में मानसिक विकारों की जांच एवं काउंसलिंग की सुविधा ट्रॉमा सेंटर, गोरा बाजार में प्रत्येक सोमवार उपलब्ध है।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने, तनाव एवं नशे जैसी समस्याओं से बचाव के प्रति जागरूक करने और जरूरत पड़ने पर समय से विशेषज्ञ सहायता लेने की झिझक दूर करना रहा। विद्यालय में आयोजित इस जागरूकता अभियान को छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के लिए बेहद उपयोगी पहल बताया गया।


