मिट्टी से खिलौने और कलाकृतियां बनाकर बच्चों ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा, स्थानीय कुम्हारों से सीखे पारंपरिक शिल्प के गुर
गाजीपुर। किताबों और बस्ते से इतर जब बच्चों के हाथों में मिट्टी आई तो स्कूलों में पढ़ाई का अंदाज ही बदल गया। शासन के निर्देशों के क्रम में जनपद के विभिन्न परिषदीय विद्यालयों में 22 अगस्त 2026, चतुर्थ शनिवार को बैगलेस डे के प्रथम सप्ताह का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यालयों में बच्चों को पढ़ाई के पारंपरिक तरीके से हटकर व्यावहारिक, रचनात्मक और अनुभवात्मक गतिविधियों से जोड़ा गया।
बैगलेस डे के अवसर पर विद्यार्थियों ने मिट्टी से खिलौने, विभिन्न आकृतियां और उपयोगी वस्तुएं तैयार कर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। वहीं स्थानीय कुम्हारों एवं शिल्पकारों से संवाद कर बच्चों ने मिट्टी की कला, पारंपरिक शिल्प और स्थानीय संस्कृति की बारीकियों को करीब से जाना।
मिट्टी से निकली बच्चों की कल्पनाएं
विद्यालयों में आयोजित गतिविधियों में बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। किसी ने मिट्टी से खिलौना बनाया तो किसी ने आकर्षक कलाकृति तैयार की। बच्चों द्वारा बनाई गई वस्तुओं की कला प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें उनकी मेहनत और कल्पनाशीलता देखने को मिली।
शिक्षकों ने बच्चों को गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल करते हुए उनके प्रयासों को प्रोत्साहित किया। इससे विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, सहयोग की भावना और रचनात्मक सोच विकसित करने का प्रयास किया गया।
किताबों से बाहर भी होती है असली सीख
बैगलेस डे के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि शिक्षा सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं है। स्थानीय परिवेश, कला, शिल्प और प्रत्यक्ष अनुभव भी सीखने के महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
गतिविधियों का प्रमुख उद्देश्य बच्चों को “बिना बस्ता—सीखें अनुभव से” की अवधारणा से जोड़ना रहा, ताकि उनमें कौशल विकास के साथ-साथ अपनी स्थानीय परंपराओं और संस्कृति के प्रति समझ एवं सम्मान विकसित हो सके।
आगे विज्ञान से लेकर पर्यावरण तक होंगी गतिविधियां
बैगलेस डे के आगामी चरणों में शासन द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विद्यार्थियों के लिए कौशल आधारित, वैज्ञानिक, सांस्कृतिक, पर्यावरणीय एवं जीवनोपयोगी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
गाजीपुर के स्कूलों में बैगलेस डे ने यह साबित किया कि जब सीखने का मौका किताबों से निकलकर वास्तविक जीवन तक पहुंचता है, तो बच्चों की प्रतिभा भी नए रंगों में सामने आती है।

