गाजीपुर। बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं, किशोरियों और महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार तथा बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पोषण समिति की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद ने की।

बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति, जीएमडी की उपलब्धता, पोषण ट्रैकर के सभी बिंदुओं, सैम/मैम बच्चों की स्थिति, एनआरसी रेफरल, ड्राई राशन के लाभार्थियों तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना समेत विभिन्न योजनाओं की गहन समीक्षा की गई।

हर गर्भवती महिला पर रहेगी नजर

सीडीओ ने कहा कि सरकार बच्चों और महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य एवं पोषण सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गर्भवती महिलाओं की लगातार निगरानी की जाए और उनके खान-पान पर विशेष ध्यान दिया जाए। बच्चे के जन्म के बाद उसका वजन कराकर स्वास्थ्य की स्थिति की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए महिलाओं और परिवारों को पोषण, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।

सैम-मैम बच्चों पर विशेष फोकस

मुख्य विकास अधिकारी ने सैम-मैम श्रेणी के चिन्हित बच्चों के पोषण स्तर में सुधार के साथ उनकी नियमित स्वास्थ्य जांच एवं समुचित प्रबंधन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि मेडिकल कैंप आयोजित कर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए तथा चिन्हित सैम-मैम बच्चों को एएनएम के माध्यम से आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जाएं।

साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर उपलब्ध वजन मशीन एवं अन्य उपकरणों को क्रियाशील रखने, अनुपूरक पुष्टाहार एवं ड्राई राशन का नियमानुसार वितरण तथा आधार सत्यापन का कार्य समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए गए।

लक्ष्य—कुपोषण मुक्त गाजीपुर

सीडीओ ने कहा कि कुपोषित बच्चों को नियमित पुष्टाहार एवं आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराकर गाजीपुर को कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में गंभीरता से काम किया जाए। राष्ट्रीय पोषण माह के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेष जोर दिया गया।

बैठक में सभी सीडीपीओ, सुपरवाइजर एवं संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।