गाजीपुर में जिला विद्यालय ज्ञान समिति की बैठक में परिवहन व्यवस्था को लेकर दिए कड़े निर्देश
गाजीपुर। छात्र-छात्राओं की सुरक्षित परिवहन व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला विद्यालय ज्ञान समिति की बैठक में उन्होंने विद्यालयों में संचालित वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों और विद्यालय प्रबंधन को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रत्येक विद्यालय में परिवहन समिति का गठन कर उसकी नियमित बैठक कराने के निर्देश दिए। विद्यालयों से समन्वय के लिए कंट्रोल रूम स्थापित करने की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने को कहा गया।
विद्यालय प्रबंधन को निर्देशित किया गया कि छात्र-छात्राओं के परिवहन में लगे सभी वाहनों के फिटनेस प्रमाण-पत्र, परमिट एवं अन्य जरूरी अभिलेखों की अनिवार्य रूप से जांच कराई जाए। वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस और पुलिस सत्यापन समेत सभी आवश्यक दस्तावेज भी जांचे जाएं।
डीएम ने स्पष्ट किया कि निर्धारित सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करने वाले किसी भी वाहन का संचालन बच्चों के परिवहन के लिए नहीं किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने वाहन चालकों को ड्राइविंग से जुड़ी बेसिक गाइडलाइन की जानकारी देने के साथ-साथ बसों में फर्स्ट एड बॉक्स, पेयजल की व्यवस्था और CPR की जानकारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। चालकों को आवश्यक प्रशिक्षण दिलाने तथा प्रशिक्षण के संबंध में विद्यालयों से प्रमाण-पत्र लेने को भी कहा गया।
राजमार्गों पर स्थित विद्यालयों के पास ब्लिंक इंडिकेटर लगाने के निर्देश भी दिए गए, ताकि स्कूल क्षेत्र में वाहन चालकों को बच्चों की आवाजाही और संभावित खतरे के प्रति सचेत किया जा सके।
डीएम ने वाहनों की नियमित जांच और परिवहन व्यवस्था की लगातार निगरानी के निर्देश दिए। किसी भी स्तर पर कमी पाए जाने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
परिवहन व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए विद्यालय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के बीच लगातार समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने दो टूक कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जा सकता। बैठक में संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

