गाजीपुर। रक्षाबंधन पर्व के मद्देनजर महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलम्बन सुनिश्चित करने के लिए गाजीपुर पुलिस ने 26 से 28 अगस्त तक तीन दिवसीय ‘मिशन शक्ति’ विशेष अभियान चलाया। अभियान के दौरान पुलिस ने बाजारों, स्कूल-कॉलेजों, मंदिरों, चौराहों, पार्कों और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सघन निगरानी और चेकिंग अभियान चलाकर शरारती तत्वों पर शिकंजा कसा।

अभियान के दौरान पुलिस ने 22 शोहदों/अराजक तत्वों के विरुद्ध धारा 296 बीएनएस के तहत कार्रवाई की। वहीं 78 व्यक्तियों के खिलाफ धारा 126/135/170 बीएनएसएस के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की गई, जबकि 3 व्यक्तियों पर गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई अमल में लाई गई।

महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर संवेदनशील स्थानों पर वर्दी के साथ-साथ सादे कपड़ों में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। पुलिस टीमें भीड़भाड़ वाले इलाकों में लगातार भ्रमण करती रहीं और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखती रहीं।

एंटी-रोमियो स्क्वाड और मिशन शक्ति टीमों ने जनपद के 403 संवेदनशील स्थानों पर 3,754 व्यक्तियों की चेकिंग की। इस दौरान 2,611 लोगों को चेतावनी देकर भविष्य में कानून का उल्लंघन न करने की हिदायत दी गई।

पुलिस की यह कार्रवाई सिर्फ धरपकड़ तक सीमित नहीं रही, बल्कि सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं एवं बालिकाओं के लिए सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण तैयार करने पर भी विशेष जोर दिया गया।

गाजीपुर पुलिस ने साफ कर दिया है कि महिलाओं से छेड़खानी, उत्पीड़न अथवा सार्वजनिक स्थानों पर अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी। सूचना मिलते ही एंटी-रोमियो स्क्वाड और मिशन शक्ति की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करेंगी।

रक्षाबंधन पर बहनों की सुरक्षा के लिए गाजीपुर पुलिस का संदेश साफ है—सड़क से बाजार तक, हर संवेदनशील स्थान पर पुलिस की नजर है और कानून तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।