जमानियां। संतान की दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए कस्बा बाजार स्थित पक्का बलुआ घाट चबूतरा सहित उसके आसपास की साफ सफाई एवं चुने का छिड़काव किया गया। इसके साथ ही महिला श्रद्धालुओं को धूप से बचाव के लिए कर्मचारियों द्वारा टेंट की व्यवस्था में लगे रहे। बताया जाता है। कि ममता जब कठोर तपस्या का रूप धारण करती है। तो मां का संकल्प हर सांसारिक कठिनाई से बड़ा हो जाता है। संतान की दीर्घायु, उत्तम आरोग्य, सुख-समृद्धि और संकटों से रक्षा के लिए रखा जाने वाला जीवित्पुत्रिका यानी जितिया व्रत इसी अटूट मातृ-संकल्प का सबसे बड़ा पावन पर्व है। पालिका अध्यक्ष जय प्रकाश गुप्ता ने बताया कि आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाने वाला यह कठिन निर्जला व्रत इस वर्ष 3 अक्टूबर (शनिवार) को श्रद्धा और निष्ठा के साथ रखा जाएगा। उसी को लेकर स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कोई कठिनाइयाँ ना हो। पक्का बलुआ घाट सहित उसके आसपास की साफ सफाई के साथ रौशनी की व्यवस्था के लिए कर्मचारी व्यस्त है। ब्राह्मण पुजारी उद्धव पांडेय ने बताया कि इस वर्ष जितिया पर्व पर अत्यंत शुभ और दुर्लभ ग्रह-नक्षत्रों का संयोग बन रहा है। इस बार शुक्रवार को हस्त नक्षत्र में नहाय-खाय, शनिवार को मुख्य निर्जला व्रत और रविवार को पारण का क्रम मिल रहा है। जिसे धार्मिक मान्यताओं में 'दुर्लभ खरजितिया योग कहा जाता है।