गाजीपुर। UPI के माध्यम से डिजिटल भुगतान पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत Merchant Discount Rate (MDR) को लेकर जिला उद्योग व्यापार मंडल ने चिंता जताई है। व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर छोटे कारोबारियों पर संभावित अतिरिक्त वित्तीय बोझ को लेकर अपनी बात रखी।
व्यापार मंडल ने कहा कि UPI ने किराना, कपड़ा, दवा, हार्डवेयर समेत छोटे-बड़े कारोबारियों के लिए डिजिटल भुगतान को बेहद आसान और सुविधाजनक बनाया है। बड़ी संख्या में ग्राहक आज UPI के जरिए भुगतान कर रहे हैं। ऐसे में ₹2,000 से अधिक के कुछ व्यापारी लेन-देन पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत MDR से कम मार्जिन पर काम करने वाले कारोबारियों के खर्च बढ़ सकते हैं।
ज्ञापन में उदाहरण देते हुए बताया गया कि ₹10,000 के UPI भुगतान पर 0.4 प्रतिशत की दर से ₹40 MDR बनता है। व्यापार मंडल का कहना है कि छोटे व्यापारियों का मुनाफा पहले से सीमित है, इसलिए इस तरह का अतिरिक्त शुल्क उनके लाभ को प्रभावित कर सकता है।
व्यापार प्रतिनिधियों ने सरकार से मांग की कि छोटे व्यापारियों और कम मार्जिन वाले कारोबारों के हितों को ध्यान में रखते हुए MDR व्यवस्था पर पुनर्विचार किया जाए, ताकि UPI की सरल और कम लागत वाली भुगतान व्यवस्था बनी रहे।
वहीं, सरकार के अनुसार MDR कोई सरकारी टैक्स नहीं बल्कि भुगतान व्यवस्था से जुड़े प्रतिभागियों के बीच वितरित होने वाला शुल्क है तथा लगभग 96 प्रतिशत मर्चेंट UPI लेन-देन MDR से प्रभावित नहीं होंगे।
ज्ञापन देने वालों में प्रदेश मंत्री राजेश प्रसाद, जिला अध्यक्ष विजय शंकर शर्मा, जिला महामंत्री अक्षय लाल कुशवाहा, जिला कोषाध्यक्ष गणेश जी वर्मा एवं संगठन मंत्री निर्गुण दास केसरी आदि मौजूद रहे।

