गाजीपुर। लोक निर्माण विभाग के लिपिक संवर्ग के कर्मचारियों को विभिन्न विकास खंडों और तहसीलों से संबद्ध किए जाने के आदेश ने विभागीय कर्मचारियों में आक्रोश पैदा कर दिया है। पीडब्ल्यूडी मिनिस्टीरियल एसोसिएशन ने इस आदेश को नियम विरुद्ध बताते हुए जिलाधिकारी से तत्काल निरस्त करने की मांग की है। संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज करते हुए अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार जारी रखा जाएगा।

लोक निर्माण विभाग कार्यालय परिसर में रविवार को एसोसिएशन की आपात बैठक जिलाध्यक्ष मनोज यादव की अध्यक्षता में हुई। बैठक में पदाधिकारियों ने कहा कि लोक निर्माण विभाग पहले से ही निर्माण और विकास कार्यों के भारी दबाव में काम कर रहा है। ऐसे में लिपिक कर्मचारियों को दूसरे विभागों, विकास खंडों अथवा तहसीलों से संबद्ध किए जाने से विभागीय कामकाज प्रभावित होने की आशंका है।

जिला मंत्री राजेश कुमार यादव ने बताया कि प्रकरण को लेकर नियुक्ति अधिकारी से वार्ता की जा चुकी है। इसके अलावा अधीक्षण अभियंता और मुख्य अभियंता को भी पूरे मामले से अवगत कराया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्य अभियंता की ओर से आश्वासन दिया गया है कि किसी भी कर्मचारी को रिलीव नहीं किया जाएगा और संबंधित अधिशासी अभियंताओं से वार्ता कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

संबद्धीकरण के आदेश के विरोध में कर्मचारियों ने प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश पर पहले काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध किया। संगठन का दावा है कि 5 सितंबर 2026 से पूरा लिपिक संवर्ग कलमबंद कर अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार पर है।

एसोसिएशन ने कहा कि आंदोलन को जौनपुर और वाराणसी क्षेत्र के पदाधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न जनपदों के संगठनात्मक एवं प्रांतीय पदाधिकारियों का भी समर्थन मिल रहा है।

बैठक में संगठन ने जिलाधिकारी से तत्काल हस्तक्षेप कर संबद्धीकरण के आदेश को निरस्त कराने की मांग की। साथ ही संकेत दिया कि यदि कर्मचारियों की मांग पर शीघ्र निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।

फिलहाल लिपिकों के इस विरोध ने लोक निर्माण विभाग के प्रशासनिक कामकाज को लेकर नई हलचल पैदा कर दी है।