गाजीपुर। राष्ट्रीय लोक अदालत में कुटुम्ब न्यायालय गाजीपुर ने प्रभावी निस्तारण करते हुए 71 पारिवारिक वादों का सफलतापूर्वक निपटारा कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। 12 सितंबर 2026 को आयोजित लोक अदालत में प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय श्री शैलोज चंद्रा की पीठ ने विभिन्न पारिवारिक विवादों का समाधान कराया।
निस्तारित मामलों में 35 वाद भरण-पोषण से संबंधित रहे। इनमें पीड़ित महिलाओं को उनके बकाया भरण-पोषण की पूरी धनराशि मौके पर ही दिलाई गई, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली।
लोक अदालत की सबसे भावुक और सुखद तस्वीर उस समय सामने आई, जब लंबे समय से अलग रह रहे 11 दम्पतियों ने आपसी विवाद समाप्त कर पुनः साथ रहने का निर्णय लिया। न्यायालय में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को माला पहनाकर खुशी जताई और मिष्ठान वितरित किया। इस दौरान न्यायालय परिसर में खुशी का माहौल देखने को मिला।
प्रधान न्यायाधीश श्री शैलोज चंद्रा ने बताया कि पिछले दो माह में सुलह-समझौते के लिए करीब 200 से अधिक मामले मीडिएशन सेंटर भेजे गए, लेकिन इनमें केवल पांच मामलों में सफल समझौता हो सका। उन्होंने कहा कि मीडिएशन में सफलता का प्रतिशत बढ़े तो लोक अदालत में निस्तारण का आंकड़ा और बेहतर हो सकता है।
उन्होंने आमजन से पारिवारिक विवादों को आपसी संवाद, सुलह और समझौते के माध्यम से समाप्त करने की अपील की और लोक अदालत को इसके लिए प्रभावी माध्यम बताया।

