गाजीपुर। श्रीमान पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश, लखनऊ द्वारा चलाए जा रहे “OPERATION CONVICTION” अभियान के तहत गाजीपुर पुलिस के मॉनिटरिंग सेल एवं अभियोजन द्वारा लगातार की गई प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप गैर इरादतन हत्या के करीब 18 वर्ष पुराने मामले में तीन अभियुक्तों को न्यायालय ने दोषसिद्ध कर कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
दिनांक 12 दिसंबर 2008 को थाना जमानियां में मु0अ0सं0 1211/2008, धारा 304/34, 323/34, 504, 506 भादवि के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था। मामले में प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप 18 सितंबर 2026 को मा0 न्यायालय एडीजे-3, गाजीपुर द्वारा अभियुक्त श्रीराम बिन्द पुत्र शिवमूरत बिन्द, बुद्धिराम बिन्द पुत्र शिवमूरत बिन्द तथा संजय पुत्र बुद्धिराम बिन्द, निवासीगण ग्राम सब्बलपुर कलां, थाना जमानियां, जनपद गाजीपुर को दोषसिद्ध किया गया।
न्यायालय ने धारा 304/34 भादवि में प्रत्येक अभियुक्त को 08-08 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 10-10 हजार रुपये अर्थदण्ड, धारा 323/34 में 01-01 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 01-01 हजार रुपये अर्थदण्ड, धारा 504 में 02-02 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 02-02 हजार रुपये अर्थदण्ड तथा धारा 506(2) में 03-03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 02-02 हजार रुपये अर्थदण्ड से दण्डित किया।
गाजीपुर पुलिस की प्रभावी मॉनिटरिंग एवं अभियोजन पैरवी से पुराने मामलों में दोषियों को न्यायालय से सजा दिलाने की कार्रवाई लगातार जारी है।

