गाजीपुर, 27 अगस्त 2026। न्यायालय परिसर जैसे संवेदनशील स्थल की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को जनपद गाजीपुर के न्यायालय परिसर में व्यापक सुरक्षा मॉक ड्रिल आयोजित की गई। अपर पुलिस अधीक्षक नगर डॉ. राकेश कुमार मिश्र के निर्देशन में आयोजित इस अभ्यास में जनपदीय पुलिस, पीएसी, एलआईयू, डॉग स्क्वॉड, एंटी-सैबोटॉज चेक टीम, SWAT टीम और अग्निशमन विभाग समेत विभिन्न सुरक्षा इकाइयों ने हिस्सा लिया।

मॉक ड्रिल के दौरान न्यायालय परिसर में संदिग्ध वस्तु मिलने की काल्पनिक सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस बल ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए परिसर की घेराबंदी कर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया। साथ ही आमजन को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया का भी अभ्यास किया गया।

अभ्यास के दौरान एलआईयू, डॉग स्क्वॉड और एंटी-सैबोटॉज चेक टीम ने अत्याधुनिक उपकरणों के माध्यम से न्यायालय परिसर में संदिग्ध वस्तुओं के साथ-साथ संवेदनशील एवं छिपे हुए स्थानों की गहन जांच की। वहीं SWAT टीम ने संवेदनशील क्षेत्रों में त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए सुरक्षा प्रबंधन एवं खोजी अभियान का अभ्यास किया।

किसी संभावित आगजनी या आपदा की स्थिति से निपटने के लिए अग्निशमन विभाग की टीम ने भी बचाव एवं राहत कार्यों का प्रदर्शन किया और आवश्यक अग्निशमन उपकरणों के संचालन की तैयारियों को परखा।

अपर पुलिस अधीक्षक नगर डॉ. राकेश कुमार मिश्र ने कहा कि न्यायालय परिसर जैसे संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि इस तरह की मॉक ड्रिल का उद्देश्य सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को परखना, विभिन्न इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों का परीक्षण करना है।

उन्होंने कहा कि समय-समय पर ऐसे अभ्यास आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि वास्तविक आपात स्थिति में सुरक्षा बल बिना किसी देरी के प्रभावी कार्रवाई कर सकें।

मॉक ड्रिल के दौरान क्षेत्राधिकारी नगर, मुख्य अग्निशमन अधिकारी गाजीपुर, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली, प्रभारी न्यायालय सुरक्षा सहित पुलिस एवं अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

 संदेश साफ है—आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई, बेहतर समन्वय और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के लिए गाजीपुर पुलिस पूरी तरह तैयार है।