गाज़ीपुर। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और किसानों को स्थानीय स्तर पर जैविक इनपुट उपलब्ध कराने के लिए जनपद में नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग (NMNF) के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में एक नए बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर (BRC) की स्थापना की जाएगी। भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप यह केंद्र उद्यम मॉडल पर स्थापित किया जाना है।

उप कृषि निदेशक ने बताया कि प्राकृतिक खेती को सफलतापूर्वक अपनाने के लिए पशु एवं पौधों पर आधारित प्राकृतिक खेती के जैव-इनपुट की स्थानीय स्तर पर उपलब्धता बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से NMNF क्लस्टरों में घनजीवामृत, जीवामृत, बीजामृत, दशपर्णी आदि प्राकृतिक कृषि आधारित जैविक मिश्रण तैयार करने और किसानों तक पहुंचाने के लिए बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर विकसित किए जाएंगे।

बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर सिर्फ जैविक मिश्रण तैयार करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्राकृतिक खेती करने वाले अथवा प्राकृतिक खेती अपनाने के इच्छुक किसानों को इनके प्रयोग की विधि और आवश्यक तकनीकी सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा। इससे किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए जरूरी संसाधन स्थानीय स्तर पर मिल सकेंगे और रासायनिक कृषि पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।

बीआरसी पर तैयार होने वाले जैविक मिश्रणों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए उद्यमी को आवश्यक आधारभूत सुविधाएं स्वयं विकसित करनी होंगी। इनमें स्टोरेज कैन, रैक, रेफ्रीजरेटर, गोमूत्र संग्रह के लिए संयंत्र/पात्र, किडवन चैंबर तथा बड़े स्टोरेज की व्यवस्था शामिल है।

चयन के लिए उद्यमी, समूह या संस्था का प्राकृतिक कृषि का अभ्यास करने वाला किसान होना आवश्यक है। इसके अलावा संस्था या समूह के सदस्यों को प्राकृतिक खेती का पूर्व अनुभव होना चाहिए।

उप कृषि निदेशक ने जनपद के समस्त एफपीओ, उद्यमियों एवं अन्य पात्र संस्थाओं से अपील की है कि निर्धारित चयन मानदंडों के अनुरूप अपना आवेदन 08 अगस्त 2026 तक किसी भी कार्यदिवस में उप कृषि निदेशक कार्यालय में प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।

चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित संस्था/उद्यमी को नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के तहत बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा।

प्राकृतिक खेती की दिशा में यह पहल गाजीपुर के किसानों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है, क्योंकि इससे जैविक कृषि इनपुट की स्थानीय उपलब्धता बढ़ने के साथ ही प्राकृतिक खेती को अपनाने वाले किसानों को प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग भी मिल सकेगा।