गाजीपुर। थाना सादात क्षेत्र में स्कूल से घर लौट रही छात्राओं को रास्ते में रोककर कथित रूप से छेड़खानी, छींटाकशी, गाली-गलौज और धमकी देने के मामले में सादात पुलिस ने तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, घटना के संबंध में 22 अगस्त 2026 को थाना सादात में मुकदमा दर्ज किया गया था।

पुलिस के अनुसार, छात्राओं द्वारा विरोध करने पर आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर आरोपियों की तलाश शुरू की।

मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तारी

अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रभारी निरीक्षक सादात के नेतृत्व में पुलिस टीम क्षेत्र में भ्रमण कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर शादियाबाद से मजुई चौराहे की ओर जाने वाले रास्ते से घटना से संबंधित तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान:

निलेश कुमार (19 वर्ष) पुत्र अनिल राम, निवासी ग्राम टाडा, थाना सादात, गाजीपुर।

प्रदीप चौहान (29 वर्ष) पुत्र अमिन्दर चौहान, निवासी ग्राम मजुई, थाना सादात, गाजीपुर।

बृजेश कुमार (27 वर्ष) पुत्र शिवबचन राम, निवासी ग्राम चकमहताब, थाना शादियाबाद, गाजीपुर।

 बिना कागजात की बाइक भी सीज

पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से मोटरसाइकिल संख्या UP61BW0142 भी बरामद की। वाहन के संबंध में अभियुक्त कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस ने मोटरसाइकिल को कब्जे में लेकर धारा 207 एमवी एक्ट के तहत सीज कर दिया।

पुलिस ने गिरफ्तार तीनों अभियुक्तों के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष पेश करने के लिए रवाना कर दिया।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

थाना सादात में मुकदमा अपराध संख्या 186/2026 के तहत बीएनएस की धारा 296, 127(2), 74, 352, 351(3), 78(1) तथा एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)(द), 3(1)(ध), 3(2)(va) और पॉक्सो एक्ट की धारा 9M/10 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।

 गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम

इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक भूपेश चन्द्र कुशवाहा, उपनिरीक्षक हरिहर प्रसाद मिश्र एवं हमराह पुलिसकर्मी, थाना सादात, गाजीपुर शामिल रहे।

पुलिस की इस कार्रवाई से छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सख्त संदेश गया है कि राह चलते छात्राओं से अभद्रता, छेड़खानी और धमकी जैसे मामलों में आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।