गाजीपुर। जनपद के प्रभारी मंत्री एवं प्रदेश सरकार में स्टांप एवं न्यायालय शुल्क तथा पंजीयन विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल ने गुरुवार को जनपद में निर्माणाधीन सहायक संभागीय परिवहन विभाग (आरटीओ) भवन एवं महिला शरणालय का औचक निरीक्षण किया। अचानक पहुंचे मंत्री ने निर्माण कार्यों की जमीनी हकीकत परखी और अधिकारियों से प्रगति, गुणवत्ता तथा कार्य की गति की विस्तृत जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि दोनों परियोजनाओं का निर्माण हर हाल में नवंबर माह तक पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए, लेकिन जल्दबाजी के नाम पर गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने निर्माणाधीन भवनों में निर्धारित मानकों, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था को नियमित निगरानी और लगातार प्रगति की समीक्षा करने को कहा।

मंत्री रविंद्र जायसवाल ने कहा कि सरकारी भवन केवल ईंट-पत्थर की संरचनाएं नहीं, बल्कि जनसुविधाओं को बेहतर बनाने का आधार हैं। इसलिए इनका निर्माण समयबद्ध, मजबूत और गुणवत्तापूर्ण होना आवश्यक है, ताकि निर्माण पूरा होने के बाद संबंधित विभागों का कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सके और आमजन को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि निर्धारित समय-सीमा में परियोजनाओं को पूरा कराने में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। निर्माण स्थल पर सुरक्षा, गुणवत्ता और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं हर समय दुरुस्त रखी जाएं।

औचक निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला, मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद, भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

मंत्री का संदेश साफ—काम में तेजी भी चाहिए और गुणवत्ता भी, नवंबर की डेडलाइन पर कोई समझौता नहीं!