बाराचवर, गंगौली, जखनिया, सादात और सैदपुर के विद्यालयों से रोटी, चावल, दाल, सब्जी समेत तैयार भोजन के नमूने लिए गए


गाजीपुर। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश तथा जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने 21 और 22 अगस्त को विशेष अभियान चलाकर जनपद के विभिन्न कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों से कुल 11 खाद्य सर्विलांस नमूने संग्रहित किए।

खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए चलाए गए इस अभियान में विद्यालयों में छात्राओं को परोसे जा रहे तैयार भोजन को जांच के दायरे में लिया गया।

कहां-कहां से लिए गए नमूने?

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, बाराचवर से तैयार गेहूं की रोटी और सब्जी के नमूने लिए।

इसी तरह गंगौली, कासिमाबाद स्थित विद्यालय से तैयार मटर-छोला सब्जी और चावल के नमूने संग्रहित किए गए। जखनिया स्थित विद्यालय से पका चावल और रोटी के नमूने लिए गए।

सादात, जखनिया के कस्तूरबा विद्यालय से पका चावल, अरहर-चना मिश्रित पकी दाल, पकी रोटी और पकी सब्जी के नमूने संग्रहित किए गए। वहीं सैदपुर स्थित विद्यालय से पकी अरहर की दाल का नमूना लिया गया।

लैब रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई

संग्रहित सभी नमूनों को जांच के लिए खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला, उत्तर प्रदेश भेजा जा रहा है। विभाग के अनुसार जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि किसी नमूने में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।

इस अभियान का उद्देश्य आवासीय बालिका विद्यालयों में छात्राओं को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और उनके स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता न होने देना है।

इन अधिकारियों ने संभाली नमूना संग्रह की जिम्मेदारी

विशेष अभियान के तहत खाद्य नमूना संग्रह की कार्रवाई खाद्य सुरक्षा अधिकारियों गुलाबचन्द गुप्त, बिपिन कुमार गिरि, धनन्जय सिंह, अरविन्द्र प्रजापति, पंकज कुमार कन्नौजिया एवं अमर नाथ द्वारा की गई।

प्रशासन की इस कार्रवाई से साफ है कि कस्तूरबा विद्यालयों में छात्राओं को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता पर अब लगातार निगरानी रखी जाएगी, ताकि बेटियों को सुरक्षित, स्वच्छ और मानक के अनुरूप भोजन मिल सके।