मुख्यमंत्री के भाषण में विकास योजनाओं, शहीदों व संतों का जिक्र सराहनीय, पर विश्वविद्यालय पर घोषणा न होना दुखद

मंच पर मौजूद जनप्रतिनिधि युवाओं की आवाज उठाने में चूके, मुख्यमंत्री के समक्ष नहीं रखी विश्वविद्यालय की बात: दीपक उपाध्याय

प्रत्येक महाविद्यालय से एकजुट होगा युवा; विश्वविद्यालय की स्थापना तक अनवरत जारी रहेगा जन-आंदोलन

गाजीपुर। माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के गाजीपुर आगमन पर 692 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का छात्र व युवा समुदाय स्वागत करता है। मुख्यमंत्री जी द्वारा भाषण में अमर शहीदों, संतों, महाराज सुहेलदेव, पवहारी बाबा, परशुराम आश्रम, मेडिकल कॉलेज और आजमगढ़ यूनिवर्सिटी का उल्लेख करना सराहनीय है, लेकिन 12 वर्षों पुरानी 'गाजीपुर राज्य विश्वविद्यालय' की मांग पर कोई घोषणा न होने से युवाओं में निराशा है।

पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय ने कहा कि 692 करोड़ का बजट ढांचागत विकास तो करेगा, लेकिन बिना सुलभ उच्च शिक्षा के सर्वांगीण विकास संभव नहीं है। 360 से अधिक महाविद्यालयों वाले गाजीपुर में यूनिवर्सिटी न होने से यहाँ के छात्रों को दूसरे जिलों का रुख करना पड़ता है।

दीपक उपाध्याय ने मलाल व्यक्त करते हुए कहा कि "मंच पर उपस्थित जनपद के जनप्रतिनिधियों के पास मुख्यमंत्री जी के समक्ष गाजीपुर के लाखों छात्रों की बेहतर भविष्य से जुड़ी मांग को मजबूती से रखने का सीधा मौका था, लेकिन वे युवाओं की आवाज बनने में पूरी तरह चूक गए। जनप्रतिनिधियों का इस बहुप्रतीक्षित विषय पर मौन रहना गाजीपुर के नौजवानों को बेहद खटक रहा है।"

उन्होंने स्पष्ट किया कि हमारा उद्देश्य विरोध करना नहीं, बल्कि अपने जिले के शैक्षणिक भविष्य की वाजिब मांग को शासन के समक्ष मजबूती से प्रस्तुत करना है। इसके लिए अब जनपद के प्रत्येक महाविद्यालय का दौरा कर छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद स्थापित किया जाएगा। गाजीपुर का युवा इस मांग को एक ऐसे अभूतपूर्व और अनुशासित जन-आंदोलन का रूप देगा, जो शासन-प्रशासन को गाजीपुर की इस प्राथमिक जरूरत को स्वीकार करने और राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए सहर्ष विवश कर देगा। जब तक गाजीपुर को उसका जायज हक नहीं मिल जाता, तब तक यह संघर्ष अनवरत जारी रहेगा।